रायपुर। प्रदेश में बस यात्रियों पर महंगाई का बोझ बढ़ता नजर आ रहा है। कई निजी बस संचालकों द्वारा शासन की अनुमति के बिना ही किराए में वृद्धि किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। यात्रियों का आरोप है कि पिछले एक सप्ताह के दौरान विभिन्न रूटों पर बस किराए में 20 से 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है।
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यात्रियों का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के किराया बढ़ा दिए जाने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना सफर करने वाले यात्रियों ने सरकार और परिवहन विभाग से मामले में हस्तक्षेप कर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।
वहीं, बस संचालकों का कहना है कि डीजल की बढ़ती कीमतों, स्पेयर पार्ट्स के महंगे होने और वाहन रखरखाव खर्च में लगातार वृद्धि के कारण मौजूदा किराए पर बसों का संचालन आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो गया है। उनका दावा है कि बढ़ती लागत के चलते किराया संशोधन आवश्यक हो गया है।
इधर, बस यूनियन ने भी सरकार से आधिकारिक तौर पर किराए में 30 से 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की मांग की है। यूनियन का कहना है कि संचालन लागत और आय के बीच बढ़ते अंतर से परिवहन व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। ऐसे में किराया पुनरीक्षण पर जल्द निर्णय लिया जाना जरूरी है।
फिलहाल किराया वृद्धि को लेकर परिवहन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है। ऐसे में बिना अनुमति किराया बढ़ाने के आरोपों को लेकर यात्रियों में नाराजगी बनी हुई है।



