रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के एक बयान ने प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। प्रधानमंत्री और इटली की प्रधानमंत्री के साथ तस्वीरों को लेकर की गई उनकी टिप्पणी पर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। इसके साथ ही उन्होंने खाद संकट, पुलिस कमिश्नरी व्यवस्था, पंचायत प्रतिनिधियों के इस्तीफे और सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए।
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मीडिया से चर्चा के दौरान दीपक बैज ने प्रधानमंत्री और इटली की प्रधानमंत्री की तस्वीरों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे दोनों “हनीमून मनाने गए हों” और सोशल मीडिया पर तस्वीरें किसी “वेडिंग शूट” की तरह दिखाई दे रही हैं। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है।
प्रदेश में खाद की उपलब्धता को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि सहकारी समितियों में किसानों को खाद नहीं मिल रही है और किसान परेशान हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि वर्तमान में खाद का कितना स्टॉक उपलब्ध है और कमी से निपटने के लिए अतिरिक्त क्या व्यवस्था की गई है।
पुलिस कमिश्नरी प्रणाली पर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए। बैज ने कहा कि रायपुर में लागू व्यवस्था अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाई है। उन्होंने दावा किया कि अपराध कम होने के बजाय बढ़े हैं और सरकार को बताना चाहिए कि कमिश्नरी व्यवस्था से राजधानी को क्या लाभ हुआ। साथ ही दुर्ग और बिलासपुर में इसे लागू करने की योजना पर भी सवाल खड़े किए।
अंतागढ़ में बड़ी संख्या में सरपंचों द्वारा सामूहिक इस्तीफे के फैसले पर उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि विकास कार्य नहीं होने से परेशान हैं। उनका आरोप था कि सरकार के कार्यकाल में विकास कार्य प्रभावित हुए हैं और बजट के उपयोग को लेकर भी जवाबदेही होनी चाहिए।
उपमुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भी उन्होंने तीखी टिप्पणी की और कहा कि सरकार को प्रदेश के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। वहीं कांग्रेस संगठन के गठन को लेकर उन्होंने कहा कि पार्टी स्तर पर वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा जारी है और विपक्ष को इस विषय पर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।



