रायपुर, 11 मई। Kanya Vivah Yojana : राजधानी रायपुर के मठपुरैना क्षेत्र स्थित शासकीय विद्यालय में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम अब विवादों के घेरे में आ गया है। इस आयोजन में कुल 30 जोड़ों का विवाह कराया गया था, जिसमें अर्बन-1 से 25 जोड़े और अर्बन-2 से 5 जोड़े शामिल थे।
पहले से विवाहित 2 जोड़ों के शामिल होने का आरोप
सूत्रों के अनुसार, अर्बन-2 श्रेणी के 5 जोड़ों में से 2 जोड़े ऐसे पाए गए, जिनकी शादी पहले ही हो चुकी थी। आरोप है कि निरीक्षण और पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि इन दोनों को दोबारा पंजीकृत कर सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल किया गया। इस कथित अनियमितता के उजागर होने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है और योजना की प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।
मीडिया हस्तक्षेप और दबाव के आरोप
यह भी आरोप सामने आए हैं कि जब मीडिया टीम ने विभाग से स्पष्टीकरण मांगा, तो शिकायत से जुड़े नंबर के जरिए कुछ परिजनों से संपर्क कर उन्हें मीडिया के खिलाफ भड़काने और दबाव बनाने की कोशिश की गई। हालांकि, इन आरोपों पर विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
योजना के उद्देश्य पर सवाल
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बेटियों को सम्मानपूर्वक विवाह सुविधा उपलब्ध कराना है। लेकिन इस मामले ने योजना के क्रियान्वयन, लाभार्थी चयन और निगरानी व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच और जवाबदेही की मांग
स्थानीय स्तर पर इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि लक्ष्य पूरा करने के दबाव में पात्रता की अनदेखी की गई है, तो यह गंभीर प्रशासनिक लापरवाही है और जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
आगे क्या होगा
फिलहाल मामला जांच के दायरे में है और प्रशासनिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। आने वाले समय में इस प्रकरण में और भी तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
RNN 24 की टीम ने किया संपर्क
इस पूरे मामले में रायपुर न्यूज नेटवर्क और RNN 24 की टीम ने जिला प्रशासन से संपर्क किया तो एसडीएम नंदकुमार चौबे ने कहा कि मुझे इस विषय में जानकारी नहीं है मैं इसकी जानकारी लेता हूं। महिला एवं बाल विकास की जिला कार्यक्रम अधिकारी शैल ठाकुर ने कहा कि हमें इसकी जानकारी नहीं थी, इस मामले को हम दिखवाते है। वहीं इस पूरे मामले में कलेक्टर गौरव सिंह ने कहा कि आपके माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई है इस पर दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी।
पंरतु सबसे गंभीर विषय है कि राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में इतनी बड़ी सेंध कैसे लगाईं गई और क्या आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, विभागीय सुपरवाइजर और परियोजना अधिकारी ने सही तरीके से छानबीन नहीं की थी ? या इनका उद्देश्य सिर्फ टारगेट पूरा करना है ?
इसमें सबसे बड़ी बात है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में 50 हजार रुपए की सामग्री और नकद राशि (Kanya Vivah Yojana) भी दी जाती है कहीं ऐसा तो नहीं कि विवाहित जोड़ों का पुनः विवाह करा कर शासकीय राशि की आपस में ही बंदरबांट की जा रही है ?