रायपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 2010 के चर्चित ताड़मेटला नक्सली हमले मामले में सभी आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।
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इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि यह मामला पहले लोअर कोर्ट में चला था, जहां भी कन्विक्शन नहीं हो पाया था। इसके बाद हाई कोर्ट में अपील की गई थी, लेकिन वहां भी दोषसिद्धि साबित नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि “न्यायालय का दरवाजा अभी भी खुला है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रह सकती है।”
76 जवानों की शहादत वाला था मामला
06 अप्रैल 2010 को सुकमा जिले के ताड़मेटला जंगल में सीआरपीएफ और पुलिस बल की नक्सलियों से मुठभेड़ हुई थी। इस हमले में 76 जवान शहीद हो गए थे। घटना को लेकर चिंतागुफा थाने में मामला दर्ज किया गया था।
राज्य सरकार का पक्ष और दलीलें
राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता विवेक शर्मा ने दलील दी थी कि निचली अदालत का फैसला गलत था और कई महत्वपूर्ण सबूतों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने धारा 164 के तहत कथित इकबालिया बयान, बरामद विस्फोटक सामग्री और घायल जवानों की गवाही को अहम साक्ष्य बताया था।
हाई कोर्ट की टिप्पणी
डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ अपराध को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा। अदालत ने कहा कि जांच में गंभीर खामियां थीं—जैसे फोरेंसिक सबूतों की कमी, गवाहों की पहचान न होना और ठोस लिंकिंग एविडेंस का अभाव।
अदालत ने स्पष्ट कहा कि “सिर्फ मजबूत संदेह पर्याप्त नहीं होता, बल्कि ठोस प्रमाण जरूरी होता है।”
आरोपी सूची में शामिल नाम
इस मामले में जिन लोगों के नाम सामने आए थे, उनमें ओयामी गंगा, माडवी दुला, बरसे लखमा, मड़कम गंगा, राजेश नायक सहित कई ग्रामीणों के नाम शामिल थे, जो सुकमा जिले के चिंतागुफा और आसपास के क्षेत्रों के निवासी हैं।
डिप्टी सीएम का बयान और राजनीतिक प्रतिक्रिया
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि सरकार लगातार नक्सलवाद के खिलाफ सख्ती से काम कर रही है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि “अर्बन नक्सल नेटवर्क पर भी नजर रखी जा रही है और एटीएस स्तर पर कार्रवाई की शुरुआत भी की गई है।”
इसके अलावा उन्होंने सुशासन तिहार को लेकर कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी हो रही है और जमीन स्तर पर समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।
वहीं बंगाल में होने वाले भाजपा शपथ ग्रहण समारोह को लेकर भी उन्होंने कहा कि यह जनता के जनादेश का परिणाम है और नई सरकार विकास कार्यों पर फोकस करेगी।



