बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कांकेर लोकसभा सीट से निर्वाचित सांसद भोजराज नाग को बड़ी राहत देते हुए ईवीएम में छेड़छाड़ के आरोपों वाली याचिका खारिज कर दी है। यह याचिका उनके प्रतिद्वंद्वी रहे उम्मीदवार बीरेश ठाकुर ने दायर की थी।
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क्या था मामला?
याचिकाकर्ता बीरेश ठाकुर ने आरोप लगाया था कि 26 अप्रैल 2024 को हुए चुनाव में इस्तेमाल हुई ईवीएम (बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट और वीवीपैट) में गड़बड़ी हुई है। उन्होंने कोर्ट से मशीनों की दोबारा जांच और वेरिफिकेशन के आदेश की मांग की थी।
याचिका में दावा किया गया कि कुछ विधानसभा क्षेत्रों—गुंडरदेही (61), सिहावा (56), संजरी बालोद (59), डोंडी लोहारा (60) और केशकाल (82)—के फॉर्म 17सी में दर्ज मशीन नंबरों में अंतर पाया गया, जिससे चुनाव परिणाम प्रभावित हो सकता है।
हाईकोर्ट ने क्या कहा?
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना ठोस मौखिक या दस्तावेजी सबूत के ईवीएम की दोबारा जांच के आदेश नहीं दिए जा सकते।
सिर्फ आरोपों के आधार पर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया कोई ठोस साक्ष्य रिकॉर्ड पर नहीं लाया गया, इसलिए याचिका खारिज की जाती है।
आगे का रास्ता खुला
हालांकि, कोर्ट ने याचिकाकर्ता को राहत देते हुए यह छूट दी है कि यदि वे गिनती में गड़बड़ी के संबंध में पर्याप्त मौखिक या दस्तावेजी साक्ष्य पेश करते हैं, तो नई याचिका दायर कर सकते हैं। इस फैसले के बाद फिलहाल कांकेर लोकसभा सीट से सांसद भोजराज नाग का चुनाव सुरक्षित माना जा रहा है। वहीं, चुनावी गड़बड़ी के आरोपों पर अदालत ने साफ संकेत दिया है कि बिना पुख्ता सबूत के ऐसे मामलों में हस्तक्षेप संभव नहीं है।



