अरुण साव ने पश्चिम बंगाल की सियासत को लेकर बड़ा बयान देते हुए ममता बनर्जी की सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था कमजोर हो चुकी है और आम जनता के साथ-साथ महिलाओं की सुरक्षा भी खतरे में है।
डिप्टी सीएम ने कहा कि ममता सरकार जनता के हितों की बजाय “घुसपैठियों” का साथ दे रही है, जिससे राज्य का विकास प्रभावित हुआ है। उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ बंगाल की जनता तक सही तरीके से नहीं पहुंच रहा।
अरुण साव ने आगे कहा कि राज्य की जनता अब बदलाव के मूड में है और आने वाले चुनाव में “कमल खिलना तय” है। उन्होंने मौजूदा सरकार को “असंवैधानिक” बताते हुए उसके अंत की बात कही।
राजनीतिक माहौल के बीच West Bengal में 23 और 29 अप्रैल को मतदान और 5 मई को मतगणना प्रस्तावित है। चुनावी सरगर्मी अब दूसरे राज्यों तक भी पहुंच गई है, जहां बीजेपी लगातार ममता सरकार पर हमलावर है।
इससे पहले भी साव ने बंगाल में कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य को लेकर सवाल उठाए थे। उनका कहना है कि जनता मौजूदा नीतियों से असंतुष्ट है और बदलाव चाहती है।



