लोकेश्वर सिन्हा
गरियाबंद/महासमुंद। गरियाबंद जिले का सिकासार जलाशय अब न केवल स्थानीय बल्कि महासमुंद जिले के सूखा प्रभावित क्षेत्रों को भी राहत देगा। राज्य सरकार ने सिकासार जलाशय को महासमुंद के कोडार जलाशय से जोड़ने के लिए 3400 करोड़ रुपए की नहर लिंक परियोजना को मंजूरी दे दी है।
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यह प्रदेश की पहली ऐसी योजना होगी, जिसमें स्टील की भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से एक जलाशय को दूसरे जलाशय से जोड़ा जाएगा। परियोजना के तहत करीब 88 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
इस योजना से कुल 178 गांवों को सिंचाई सुविधा मिलने के साथ-साथ पेयजल संकट से भी राहत मिलेगी। साथ ही, वाष्पीकरण से बर्बाद होने वाले लगभग 25 प्रतिशत (करीब 31 एमसीएम) पानी की बचत होगी। इस अतिरिक्त जल का उपयोग कोडार के साथ-साथ केशवा जलाशय के लिए भी किया जाएगा, जिससे लगभग 15 हजार हेक्टेयर नए क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा।
मंजूरी के बाद परियोजना की टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और वर्ष 2029 से पहले इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
परियोजना को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने इसे गरियाबंद के किसानों के हितों के खिलाफ बताते हुए “हक पर डाका” करार दिया है। उनका कहना है कि पहले जिले में पर्याप्त सिंचाई व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
वहीं, सत्ता पक्ष के नेताओं ने इस योजना को सरकार की दूरदर्शिता बताते हुए इसे सिंचाई क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम बताया है। विभाग के कार्यपालन अभियंता (ईई) ने स्पष्ट किया कि पिछले 60 वर्षों के जलभराव रिकॉर्ड के आधार पर अतिरिक्त पानी के बेहतर उपयोग के लिए यह परियोजना तैयार की गई है, जिससे प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा।



