बस्तर। जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी और निर्धारित नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर आकाश छिकारा के सख्त निर्देश पर कृषि विभाग के गुणवत्ता नियंत्रण उड़नदस्ता दल ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।
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इस सघन जांच अभियान के दौरान कई केंद्रों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल कड़े कदम उठाए हैं। निरीक्षण के दौरान उड़नदस्ता दल ने कुल 10 प्रमुख खाद केंद्रों की जांच की। जांच में रिकॉर्ड में विसंगति और विक्रय नियमों की अनदेखी पाए जाने पर 7 केंद्रों पर खाद-बीज की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
प्रतिबंधित केंद्र
जितेंद्र पाणिग्रही कृषि केंद्र, उलनार (बकावंड विकासखंड)
शिवाय कृषि केंद्र, जगदलपुर
सेठिया कृषि केंद्र, जगदलपुर
दीवान कृषि केंद्र, लामकेर (बस्तर विकासखंड)
बघेल ट्रेडर्स, सालेमेटा
बघेल कृषि ट्रेडिंग, सालेमेटा
रिंटू कृषि केंद्र, लोहंडीगुड़ा
इन सभी केंद्रों में मिली खामियों को देखते हुए आगामी आदेश तक खाद की बिक्री पूरी तरह रोक दी गई है।
कारण बताओ नोटिस
प्रशासन ने लामकेर स्थित कुंवर और शंकर कृषि केंद्र तथा तारापुर के दक्ष कृषि केंद्र को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। कृषि विभाग के उप संचालक ने कहा कि किसानों को खाद की उपलब्धता में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए ऐसे औचक निरीक्षण भविष्य में भी नियमित रूप से जारी रहेंगे।



