रायगढ़: छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने रायगढ़ दौरे के दौरान कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग में नवाचार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बेसिक पुलिसिंग को मजबूत करते हुए बीट प्रणाली को सुदृढ़ बनाया जाए, जिससे सूचना संकलन और अपराध नियंत्रण में तेजी लाई जा सके।
यह भी पढ़े :- मिडिल ईस्ट तनाव का असर: छत्तीसगढ़ का 20 हजार करोड़ का एक्सपोर्ट संकट में, चावल व्यापार सबसे ज्यादा प्रभावित
रक्षित केंद्र स्थित ऑफिसर्स मेस में आयोजित बैठक में डीजीपी ने थाना और चौकी प्रभारियों को हर शिकायतकर्ता की समस्या स्वयं सुनने और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कम्युनिटी पुलिसिंग को बढ़ावा देने और आमजन के साथ संवाद मजबूत करने पर भी बल दिया।
डीजीपी ने यातायात व्यवस्था सुधारने और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। साथ ही न्यायालयीन प्रक्रियाओं में तेजी लाने के लिए समंस और वारंट की समय पर तामिली तथा विशेषज्ञ रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए, ताकि जनता का विश्वास और मजबूत हो सके।
दौरे के दौरान डीजीपी ने होमगार्ड की फायर यूनिट और छठवीं वाहिनी का निरीक्षण भी किया। उन्होंने उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा कर आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।
पत्रकारवार्ता में डीजीपी ने बताया कि राज्य में साइबर अपराधों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा रही है और पुलिस संसाधनों को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में रायगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना की।



