मुंगेली, 31 मार्च। Property Dispute : छत्तीसगढ़ के
मुंगेली से एक ऐसी खौफनाक साजिश सामने आई है, जिसने रिश्तों की नींव को ही हिला दिया है। यहां करोड़ों की संपत्ति के लालच में आकर, एक छोटे भाई ने अपने ही बड़े भाई की बेरहमी से हत्या करवाने के लिए एक कॉन्ट्रैक्ट किलर को हायर कर लिया।
पूजा के बहाने बुलाकर सुनसान रास्ते में गला घोंटा गया, फिर सबूत मिटाने के लिए शव को 60 किलोमीटर दूर जंगल में दफना दिया गया और मोबाइल नदी में बहा दिया गया। 8 दिन तक यह मर्डर मिस्ट्री बनी रही, लेकिन जैसे ही पुलिस ने परतें खोलीं, सामने आया एक ऐसा सच जिसने हर किसी को सन्न कर दिया।
घटना मुंगेली जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां संपत्ति हड़पने के लालच में छोटे भाई ने ही अपने बड़े भाई दामोदर सिंह राजपूत (62) की सुपारी देकर हत्या करवा दी। इस वारदात में कुल 15 लोग शामिल थे, जिनमें परिवार के सदस्य और 4 नाबालिग भी हैं।
4 करोड़ की प्रॉपर्टी और सोना बना हत्या की वजह
दामोदर सिंह राजपूत शिक्षा विभाग में लेखा अधिकारी रहे थे और रिटायरमेंट के बाद किराए के मकान में रह रहे थे। उनके पास करीब 4 करोड़ रुपए की संपत्ति और 30 तोला सोना था, जिसे हड़पने के लिए साजिश रची गई।
पूजा के बहाने बुलाया, रास्ते में की हत्या
मामला लालपुर थाना क्षेत्र का है। 21 मार्च को छोटे भाई रणजीत ने दामोदर को दुर्गा पूजा के बहाने गांव झाफल बुलाया। रास्ते में मनोहरपुर के सुनसान इलाके में आरोपियों ने उनकी गाड़ी रोककर गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी।
60 किमी दूर जंगल में दफनाया शव
हत्या के बाद शव को कार में डालकर करीब 60 किलोमीटर दूर कवर्धा के देक्सय जंगल में ले जाकर नदी किनारे गड्ढा खोदकर रेत में दफना दिया गया। पुलिस को गुमराह करने के लिए मृतक का मोबाइल प्रयागराज भेजकर गंगा नदी में फिंकवा दिया गया।
पहले भी की थी हत्या की कोशिश
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले एक फर्जी नोटरी तैयार कर संपत्ति हड़पने की कोशिश की थी। इसके अलावा 2025 में सड़क हादसे के जरिए दामोदर सिंह की हत्या की कोशिश भी की गई थी, जो असफल रही।
CCTV से खुला राज
21 मार्च को घर नहीं लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। मनोहरपुर के पास उनकी बाइक लावारिस मिली, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज हुई। जांच के दौरान CCTV फुटेज में एक संदिग्ध कार नजर आई, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
8 दिन बाद खुलासा, सभी आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मुख्य आरोपी संजय यादव से पूछताछ के बाद पूरे षड्यंत्र का खुलासा किया। छोटे भाई रणजीत, साला पालेश्वर सिंह और चचेरे भाई रामपाल राजपूत ने मिलकर हत्या की सुपारी दी थी।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए, सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया। 2 कार, बाइक, मोपेड और 96 हजार रुपए नकद जब्त किए। बालिग आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि 4 नाबालिगों को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है।
रिश्तों का खून, लालच की हद
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि संपत्ति के लालच में किस तरह रिश्तों की हत्या तक कर दी जाती है। परिवार के भीतर ही रची गई इस साजिश ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।