नई दिल्ली/रायपुर। लोकसभा में ‘नक्सल मुक्त भारत’ पर हुई चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर क्षेत्र से नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है। उन्होंने इसे सुरक्षा बलों की कार्रवाई और केंद्र व राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों का परिणाम बताया।
यह भी पढ़े :- म्यूल अकाउंट के जरिए साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, 10 आरोपी गिरफ्तार
गृह मंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति दी गई है। बस्तर के गांवों में स्कूल, राशन दुकानों और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है। उन्होंने बताया कि पहले लाल आतंक के कारण ये क्षेत्र विकास से वंचित थे, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं।
कांग्रेस पर तीखा हमला
शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद आदिवासी क्षेत्रों का अपेक्षित विकास नहीं हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि दशकों तक शासन करने के बावजूद बुनियादी सुविधाएं क्यों नहीं पहुंचाई गईं।
नक्सलवाद के कारणों पर बयान
गृह मंत्री ने कहा कि वामपंथी विचारधारा ने नक्सलवाद को बढ़ावा दिया। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने माओवाद को देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौती बताया था।
‘आदिवासी मुद्दों को मिला मंच’
शाह ने कहा कि आदिवासी समाज की समस्याएं लंबे समय तक राष्ट्रीय मंच पर नहीं उठ पाईं। अब संसद में इस विषय पर चर्चा से उनकी आवाज को पहचान मिली है।
‘मोदी सरकार में तेज हुआ समाधान’
गृह मंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है और कई पुरानी समस्याओं का समाधान हुआ है।
‘नक्सलवाद खत्म करने का संकल्प’
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य में चार दशकों से विकास में बाधक रहे नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के प्रयास तेज हुए हैं।
मार्च 2026 तक लक्ष्य
कबीरधाम-राजनांदगांव के सांसद संतोष पाण्डेय ने दावा किया कि मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने कहा कि लगातार ऑपरेशन, नक्सलियों के आत्मसमर्पण और विकास कार्यों से हालात में तेजी से सुधार हुआ है।
सरकार का कहना है कि सुरक्षा बलों के प्रयास, विकास योजनाओं और जनभागीदारी से देश को जल्द ही पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जाएगा।



