रायपुर/बिलासपुर। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने अवैध शराब सप्लाई मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो डिस्टलरियों से जुड़ी 16 गाड़ियों को जब्त किया है। ये गाड़ियां वेलकम डिस्टलरी (कोटा, बिलासपुर) और भाटिया वाइंस डिस्टलरी (सरगांव, मुंगेली) से अवैध शराब लेकर दुकानों तक पहुंचाने में इस्तेमाल होती थीं।
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ईओडब्ल्यू के अनुसार, इन गाड़ियों को कार्रवाई से बचाने के लिए छिपा दिया गया था, जिन्हें करीब चार साल बाद ट्रेस कर जब्त किया गया है। जब्त वाहनों में दोनों डिस्टलरियों की 8-8 गाड़ियां शामिल हैं। एजेंसी अब इन वाहनों के वास्तविक मालिकों की जानकारी जुटा रही है।
जांच में सामने आया है कि इन डिस्टलरियों में बिना अनुमति शराब का उत्पादन कर अवैध रूप से सप्लाई किया जाता था, जिससे शासन को सर्विस और ड्यूटी चार्ज का भारी नुकसान हुआ। यह मामला राज्य के चर्चित आबकारी घोटाले से जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच ईडी और ईओडब्ल्यू दोनों कर रही हैं।
चार्जशीट के अनुसार डिस्टलरियों के जरिए करीब 2200 करोड़ रुपए की अवैध शराब सप्लाई का खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि डिस्टलरी मालिक एक सिंडिकेट के रूप में काम कर रहे थे और करोड़ों रुपए का कमीशन लिया गया।
वहीं, झारखंड एसीबी ने वेलकम डिस्टलरी के मालिक राजेंद्र जायसवाल उर्फ छुन्नी और छत्तीसगढ़ डिस्टलरी के मालिक नवीन केडिया को गिरफ्तार किया है, जबकि भाटिया वाइंस डिस्टलरी के मालिक भूपेंद्र सिंह भाटिया की तलाश जारी है।
ईओडब्ल्यू अधिकारियों का कहना है कि डिस्टलरी मालिकों और डायरेक्टर्स की भूमिका की अलग से जांच की जा रही है और आने वाले समय में उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि अवैध ट्रांसपोर्टिंग के लिए नई गाड़ियां कर्मचारियों और उनके करीबी लोगों के नाम पर खरीदी गई थीं, ताकि असली मालिकों की पहचान छिपाई जा सके। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है।



