बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शिक्षक पदस्थापना मामले में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) विजय टांडे के खिलाफ कड़ी टिप्पणी की है और उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। मामला चित्ररेखा तिवारी की पदस्थापना से जुड़ा है। तिवारी पहले शासकीय कन्या माध्यमिक शाला, तारबहार में प्रधानपाठिका के पद पर थीं। शिक्षक युक्तियुक्तकरण के तहत उनका स्थानांतरण शासकीय माध्यमिक शाला, गतौरा (मस्तूरी विकासखंड) किया गया।
हालांकि, गतौरा में पहले से ही प्रधानपाठक पदस्थ थे, जिससे तिवारी को पुराने विद्यालय में ही कार्य करना पड़ा। लंबे समय तक कोई नया आदेश नहीं आने से शिक्षिका मानसिक रूप से परेशान हो गईं और उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया। उनकी याचिका 31 जनवरी को पंजीबद्ध हुई।
याचिका दायर होने के बाद DEO ने जल्दबाजी में आदेश जारी किया, जिसमें तिवारी को शासकीय माध्यमिक शाला, फरहदा में पदस्थ दिखाया गया। सरकारी पक्ष ने अदालत को बताया कि आदेश 30 जनवरी का है, जबकि याचिका 31 जनवरी को पंजीबद्ध हुई थी। इस पर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अदालत में आपत्ति जताई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि आदेश बैकडेट में तैयार किया गया और अदालत को गुमराह करने का प्रयास किया गया।
6 फरवरी को सुनवाई में अदालत ने DEO को कड़ी फटकार लगाई और 11 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर यह स्पष्ट करने को कहा कि बैकडेट आदेश क्यों जारी किया गया और अदालत में क्यों प्रस्तुत किया गया।



