छत्तीसगढ़ ब्यूरो
रायपुर/ नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित रायपुर सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल के सरकारी आवास 21, बलवंत राय मेहता लेन पर सोमवार रात छत्तीसगढ़ भाजपा के दिग्गज नेताओं का एक बड़ा जमावड़ा लगा था। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री द्वय अरूण साव-विजय शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव सहित छत्तीसगढ़ राज्य के भाजपा ईकाई के कई शीर्ष और वरिष्ठ नेता इस रात्रिभोज में शामिल हुए। सांसद अग्रवाल ने सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर पहले आत्मीय स्वागत किया फिर रात्रि भोज प्रारंभ हुआ।

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दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को महज शिष्टाचार या सामान्य पार्टीगत भोज से अधिक महत्वपूर्ण नहीं माना गया। क्योंकि कल भारतीय जनता पार्टी के नव निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का नामांकन पार्टी कार्यालय में था और इसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री सहित कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी उनके पक्ष में नामांकन दाखिल किया था। इसके पश्चात बतौर आतिथेय सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के इस नेताओं को बतौर अतिथि रात्रिभोज में आमंत्रित किया जो एक स्वाभाविक प्रक्रिया थी। जबकि प्रदेश कांग्रेस ने इसे राजनैतिक रंग दे दिया।
कांग्रेस – डिनर डिप्लोमेसी
पंरतु कांग्रेस ने इसका उल्टा प्रचार कर दिया। कांग्रेस के अनुसार कई बड़े नेता सांसद बृजमोहन अग्रवाल को ‘मानने’ और संगठनात्मक तथा राजनीतिक मुद्दों पर विस्तृत संवाद करने के लिए उनके दिल्ली निवास पहुंचे थे। ऐसे में कांग्रेस के अनुसार इस डिनर मीटिंग को भाजपा के भीतर रणनीतिक संवाद और भविष्य की योजनाओं की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस ने इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया भी जता दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इसे “डिनर डिप्लोमेसी” करार देते हुए तंज कसा। बैज ने कहा कि बृजमोहन अग्रवाल भाजपा के वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता हैं, जिन्होंने हाल के दिनों में साय सरकार की कथित गलत नीतियों, भ्रष्टाचार और जमबूरी से जुड़े 10 करोड़ रुपये के घोटाले को बार-बार सार्वजनिक मंचों पर उठाया, जिससे सरकार दबाव में नजर आई।

उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में उनके आवास पर शीर्ष नेताओं का एक साथ जुटना महज औपचारिकता नहीं, बल्कि किसी नई राजनीतिक रणनीति और अगली चाल की तैयारी का स्पष्ट संकेत है। कांग्रेस इसे सत्ता के भीतर की अंदरूनी खींचतान और आने वाले समय में संभावित बड़े बदलावों से जोड़कर देख रही है। जबकि भाजपा की ओर से इस मुलाकात को लेकर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
सियासी विश्लेषण ?
तो क्या सियासी विश्लेषकों का यह मानना है कि यह बैठक छत्तीसगढ़ की राजनीति में आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण घटनाक्रमों या संगठनात्मक समीकरणों में बदलाव की शुरुआत हो सकती है ? क्योंकि राष्ट्रीय जम्बूरी मामले में सांसद बृजमोहन अग्रवाल और केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव के बीच तलवारें खिंची थी, आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह पूरा मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया है।

वैसे इस रात्रिभोज में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय,केंद्रीय शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव, संगठन महामंत्री पवन साय, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयालदास बघेल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय, दुर्ग सांसद विजय बघेल, सांसद कमलेश जांगड़े, विधायक विक्रम उसेंड़ी सहित कई वर्तमान और पूर्व सांसद, विधायक और वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।



