धमतरी। छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन अभियान को एक बड़ी सफलता मिली है। 5 लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली भूमिका उर्फ गीता ने धमतरी पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आत्मसमर्पण कर दिया है।
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आत्मसमर्पण करने वाली महिला नक्सली नगरी एरिया कमेटी की सदस्य एवं गोबरा एलओएस (Local Organisation Squad) की कमांडर के रूप में सक्रिय थी। वह संगठन के लिए लंबे समय से काम कर रही थी और कई नक्सली घटनाओं में उसकी संलिप्तता बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, भूमिका उर्फ गीता माओवादी विचारधारा से मोहभंग हो चुकी थी। साथ ही छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर उसने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
धमतरी पुलिस द्वारा हाल के महीनों में चलाए गए सिविक एक्शन कार्यक्रमों और लगातार चल रहे एंटी-नक्सल ऑपरेशनों के दबाव को भी इस आत्मसमर्पण का अहम कारण माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शासन की नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाली नक्सली को सुरक्षा, पुनर्वास एवं अन्य वैधानिक लाभ प्रदान किए जाएंगे। धमतरी पुलिस ने इसे नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी उपलब्धि बताया है।



