रायपुर से बड़ी खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ सरकार ने मार्च 2026 में पेश होने वाले तीसरे मुख्य बजट की तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू कर दी हैं। यह बजट सत्ता में दो साल पूरे होने के बाद आने वाला पहला बड़ा बजट होगा, जिसे पूरी तरह “मोदी की गारंटी” के वादों के अमल के केंद्र में रखकर तैयार किया जा रहा है।
वित्त विभाग ने सभी विभागों को सख्त निर्देश देते हुए साफ किया है कि वे सरकार के संकल्प पत्र और गारंटी वाली घोषणाओं के क्रियान्वयन की पूरी स्थिति रिपोर्ट अपने स्तर पर तैयार करें। 10 दिसंबर से मैराथन बैठकों का दौर शुरू होगा और 24 दिसंबर तक बजट का प्रारूप तैयार कर लिया जाएगा।
सरकार ने इस बार 17 बिंदुओं वाली कड़ी गाइडलाइन जारी की है, जिसके तहत यह जांच होगी कि पिछले बजट का पैसा कितना जमीन पर उतरा और कौन-सी योजनाएं केवल फाइलों तक ही सिमट कर रह गईं। कई विभागों द्वारा बजट खर्च न कर पाने को इस बार गंभीरता से लिया गया है।
इन बड़े वादों पर रहेगा पूरा फोकस
- यह बजट पूरी तरह जनता से जुड़े वादों पर केंद्रित रहेगा, जिनमें प्रमुख हैं:
- प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी – ₹3,100 प्रति क्विंटल
- महतारी वंदन योजना – महिलाओं को ₹1,000 प्रतिमाह
- पांच वर्षों में 1 लाख सरकारी नौकरियां
प्रधानमंत्री आवास योजना के 18 लाख लंबित मकानों को मंजूरी
इसके अलावा सरकार ने कई अहम क्षेत्रों को भी फोकस लिस्ट में शामिल किया है:
तेंदूपत्ता संग्रहण दर बढ़ोतरी, चरण पादुका योजना, दीनदयाल उपाध्याय कृषि मजदूर कल्याण योजना, CGPSC परीक्षा की जांच, स्टेट कैपिटल रीजन का गठन और श्रीरामलला दर्शन योजना।
स्वास्थ्य, शिक्षा और भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख
नए बजट में हेल्थ और एजुकेशन सेक्टर को बड़ी राहत देने की तैयारी है:
आयुष्मान योजना की बीमा राशि ₹10 लाख तक बढ़ाने, महिलाओं को ₹500 में गैस सिलेंडर, हर संभाग में छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस खोलने और भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष आयोग व निगरानी वेबसाइट लाने जैसे प्रस्तावों पर तेजी से काम चल रहा है।
सरकार ने हितग्राही योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए सभी लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी है और विभागों से इसकी सख्त रिपोर्ट मांगी गई है।



