रायपुर। पीड़ित ने बताया कि पूरा जाल उसकी मुलाकात ‘राज’ नाम के युवक से शुरू हुआ, जिससे वह समता कॉलोनी के एक स्पा में मिला था। उसे पता नहीं था कि ‘राज’ तोमर ब्रदर्स के गिरोह का एक सक्रिय सदस्य है।
रायपुर में लंबे समय से सक्रिय वीरेंद्र और रोहित तोमर के सूदखोर और ब्लैकमेलिंग गैंग की परतें अब तेजी से खुल रही हैं। शहर के प्रतिष्ठित सराफा कारोबारी ने आगे आकर बताया कि किस तरह इस गिरोह ने योजनाबद्ध तरीके से उसे लत, लालच और धमकियों के जाल में फँसाकर करीब डेढ़ करोड़ रुपए हड़प लिए। कारोबारी के अनुसार, उन्हें कई बार बार–लाउंज और प्राइवेट फ्लैट्स में ले जाया जाता था जहाँ पहले शराब–नशा कराया जाता, फिर लड़कियों की मौजूदगी में उनके साथ वीडियो शूट किए जाते। नशे में धुत लोगों को यह एहसास भी नहीं होता था कि उनकी रिकॉर्डिंग हो रही है। यही वीडियो बाद में उनकी मजबूरी बन जाती थी, और ब्लैकमेलिंग का चक्र शुरू हो जाता था।
खुला काला खेल
पीड़ित ने बताया कि पूरा जाल उसकी मुलाकात ‘राज’ नाम के युवक से शुरू हुआ, जिससे वह समता कॉलोनी के एक स्पा में मिला था। उसे पता नहीं था कि ‘राज’ तोमर ब्रदर्स के गिरोह का एक सक्रिय सदस्य है। राज धीरे–धीरे नजदीकी बढ़ाता गया और फिर कारोबारी को होटल, फ्लैट और पब की पार्टियों में ले जाने लगा।
इन जगहों पर बनाए गए वीडियो ही बाद में कारोबारी से मोटी रकम वसूलने का हथियार बने। शुरू में पैसों की मांग छोटे स्तर से शुरू होती, लेकिन बाद में रकम बढ़ती चली गई और कारोबारी को धमकाया जाने लगा कि वीडियो वायरल कर दिए जाएंगे। पुलिस को आशंका है कि यह नेटवर्क सिर्फ कुछ लोगों तक सीमित नहीं, बल्कि शहर के कई हिस्सों में फैला हुआ है। जांच टीम अब उन होटलों, फ्लैटों, स्पा सेंटरों और पबों की भी जानकारी जुटा रही है जहाँ इस गिरोह की गतिविधियाँ चलती थीं।



