लोकेश्वर सिन्हा, गरियाबंद
गरियाबंद। जनजाति गौरव सम्मान कार्यक्रम से पहले गरियाबंद जिले के आदिवासी समाज में भारी नाराजगी देखने को मिली है। समाज के नेताओं का आरोप है कि जिस समाज के नाम पर कार्यक्रम किया जा रहा है, उसी समाज के प्रमुख प्रतिनिधियों को न तो आमंत्रित किया गया और न ही मंच पर जगह दी गई है।
यह भी पढ़े :- छत्तीसगढ़ में आज से धान खरीदी – शासन का दावा तैयारियां पूरी, कांग्रेस ने गिनाई कमियां, किसान परेशान
जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम का आयोजन प्रशासन द्वारा गांधी मैदान में किया गया है। इसमें सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। लेकिन आदिवासी समाज का कहना है कि जल, जंगल और जमीन की लड़ाई लड़ने वाले कई वरिष्ठ नेताओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है।
समाज के पदाधिकारियों का आरोप है कि आमंत्रण पत्र में भी आदिवासी समाज के प्रमुख लोगों के नाम शामिल नहीं किए गए। इससे कार्यक्रम को लेकर आक्रोश बढ़ गया है।

जिले के कई बड़े आदिवासी नेताओं ने इस उपेक्षा से नाराज होकर कार्यक्रम से दूरी बनाए रखने का फैसला किया है।
समाज का कहना है कि कार्यक्रम चाहे प्रशासन आयोजित करे, लेकिन आदिवासी समाज के सम्मान और प्रतिनिधित्व की अनदेखी किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं है।



