लोकेश्वर सिन्हा
गरियाबंद। नक्सल प्रभावित मैनपुर क्षेत्र के विशेष पिछड़ी जनजाति कमार समाज के सैकड़ों लोग इन दिनों अपनी मूलभूत सुविधाओं और विकास कार्यों की मांगों को लेकर राजभवन तक पदयात्रा पर निकले हैं। इन कमार जनजाति के लोगों को “राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र” कहा जाता है।
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पदयात्री वन अधिकार पट्टा, आवास योजना, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और रोजगार जैसी प्रमुख मांगों को लेकर कई वर्षों से शासन-प्रशासन से निवेदन करते आ रहे हैं, लेकिन समाधान न मिलने से उन्होंने यह कदम उठाया है।
पदयात्रा में देवभोग और मैनपुर क्षेत्र के लगभग 12 गांवों के ग्रामीण शामिल हैं। अब तक वे करीब 60 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर चुके हैं और गरियाबंद के एनएच-130सी स्थित कचना धुरवा परिसर में रात्रि विश्राम कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन पदयात्रियों से संवाद स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।
कमार समाज के लोगों का कहना है कि यदि उनकी 20 सूत्रीय मांगें नहीं मानी गईं, तो वे दिल्ली कूच करने के लिए मजबूर होंगे।



