रायपुर/ छत्तीसगढ़: “शुभं करोति कल्याणं-आरोग्यं धन-सम्पदा, शत्रु-बुद्धि-विनाशाय दीप-ज्योति-नमोस्तुते |” अर्थात दीपक का प्रकाश शुभता, आरोग्य, धन और समृद्धि प्रदान करें और शत्रु जैसी कुबुद्धियों को नष्ट करें। यह मंत्र आमतौर पर दीप प्रज्ज्वलित करते समय बोला जाता है, जो सनातन मे प्रकाश को सकारात्मकता, स्वास्थ्य, समृद्धि और अज्ञानता के विनाश के प्रतीक स्वरूप माना जाता है।

प्रधान संपादक मालती विश्वकर्मा, समाचार संपादक पंकज विश्वकर्मा सहित रायपुर न्यूज नेटवर्क एवं RNN24 डिजिटल न्यूज नेटवर्क परिवार की ओर से सभी सुधि पाठकों एवं दर्शकों को पंच दिवसीय दीपोत्सव पर्व की शुभकामनाएं है एवं ईश्वर से प्रार्थना है बौद्धिकता, आरोग्यता, सहृदयता, सकरात्मकता एवं संपन्नता के लिए।
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छत्तीसगढ़ निमार्ण के 25 वर्ष पूर्ण हो गये है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण सहित रजत जयंती वर्ष का पूरा श्रेय तात्कालिक प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को ही है कारण भले ही राजनैतिक हो। पंरतु पिछड़े हुए इस क्षेत्र और 100 वर्ष से ज्यादा छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण की मांग को निर्माता के रूप में “अटल” ने नाम अनुरुप चरित्रार्थ किया है। इस अवसर पर लोकनायक और भारत हृदय सम्राट अटल बिहारी वाजपेयी की कविता संग्रह से एक कविता रजत जयंती वर्ष और दीपोत्सव पर्व पर सुधि पाठकों और दर्शकों को समर्पित एवं जननायक को पुष्पांजलि है।
“भरी दुपहरी में अँधियारा
सूरज परछाईं से हारा,
अंतरतम का नेह निचोड़ें, बुझी हुई बाती सुलगाएँ,
आओ फिर से दिया जलाएँ!”
“हम पड़ाव को समझे मंज़िल,
लक्ष्य हुआ आँखों से ओझल,
वतर्मान के मोहजाल में आने वाला कल न भुलाएँ,
आओ फिर से दिया जलाएँ!”
“आहुति बाक़ी यज्ञ अधूरा,
अपनों के विघ्नों ने घेरा,
अंतिम जय का वज्र बनाने नव दधीचि हड्डियाँ गलाएँ,
आओ फिर से दिया जलाएँ!”




