सुकमा: छत्तीसगढ़ के लाल आतंक को जड़ से मिटाने की दिशा में सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई लगातार सफल हो रही है। बुधवार को सुकमा जिले में कुल 27 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। इनमें 2 हार्डकोर नक्सली और 10 महिलाएं भी शामिल हैं।
सरेंडर करने वालों में पीएलजीए बटालियन नंबर-1 के दो कुख्यात हार्डकोर नक्सली, एक सीवायसीएम सदस्य, 15 पार्टी सदस्य और 11 अग्र संगठन के सदस्य शामिल हैं। इन नक्सलियों पर कुल 50 लाख रुपये के इनाम घोषित थे।
सरेंडर करने वालों में कुछ प्रमुख नाम और इनाम राशि इस प्रकार हैं:
- ओयाम लखमू (10 लाख)
- माड़वी भीमा उर्फ तामो भीमा (8 लाख)
- सुनिता उर्फ कवासी सोमड़ी (8 लाख)
- सोड़ी मासे (8 लाख)
- मुचाकी हड़मा (3 लाख)
- और अन्य 22 नक्सली जिन पर 1 से 2 लाख रुपये के इनाम थे।
छत्तीसगढ़ शासन की “नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति” और “नियद नेल्ला नार” योजना ने इस बड़े कदम को संभव बनाया। सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को सरकार की नीति के तहत 50,000 रुपये प्रोत्साहन राशि के चेक भी प्रदान किए गए।



