गरियाबंद। नवरात्रि के पावन पर्व के अंतिम दिन गरियाबंद के गांधी मैदान में सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति द्वारा आयोजित रास-गरबा पंडाल में भक्तिभाव और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। माता दुर्गा की विदाई के अवसर पर पंडाल में इतनी भीड़ उमड़ी कि पूरा मैदान भक्तों के उत्साह और गरबे की तालियों से गूंज उठा।
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महिलाएं, युवा और बच्चे माता के भक्ति गीतों पर झूमते हुए गरबा नृत्य में लीन दिखे। बीते 9 दिनों से लोग माता की भक्ति में तल्लीन रहे और अंतिम दिन श्रद्धा की यह धारा चरम पर पहुँच गई। डांडिया की थाप पर झूमती महिलाएं, पारंपरिक वेशभूषा में सजे बच्चे और युवाओं का उत्साह पूरे वातावरण को भक्ति रस से भर रहा था।
सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति पिछले 15 वर्षों से गांधी मैदान में माँ दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर भव्य पूजा-अर्चना कर रही है। बीते 5 वर्षों से यहाँ रास-गरबा का आयोजन भी किया जा रहा है, जो नगर की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान बन चुका है।
इस बार आयोजन में महिलाओं की विशेष भागीदारी रही। बच्चों ने फैंसी ड्रेस पहनकर गरबे में हिस्सा लिया, तो महिलाएं रंग-बिरंगे परिधानों और हाथों में डांडिया लेकर माँ के जयकारों के साथ झूम उठीं। आयोजन का मुख्य आकर्षण माँ दुर्गा की महाआरती रही, जिसमें हजारों श्रद्धालु आरती की ज्योति में मंत्रमुग्ध हो उठे और माता से आशीर्वाद प्राप्त किया।
नवरात्रि के इस समापन ने यह साबित कर दिया कि आस्था और श्रद्धा के आगे विपरीत परिस्थितियाँ भी बाधा नहीं बन सकतीं। माँ दुर्गा की जयकारों और गरबे की थाप के साथ गरियाबंद का गांधी मैदान आज भक्ति और उल्लास से सराबोर रहा।



