रायपुर। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। भाजपा सांसद एवं प्रदेश मुख्य प्रवक्ता संतोष पांडेय ने कांग्रेस पर मतदाताओं को गुमराह करने और चुनावी प्रक्रिया पर अविश्वास पैदा करने का आरोप लगाया है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा करते हुए भाजपा और निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा है।
संतोष पांडेय का कांग्रेस पर हमला
भाजपा सांसद संतोष पांडेय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास कार्यों से जनता का ध्यान हटाने के लिए ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार कमजोर हो रही है और इसी वजह से चुनावी प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
पांडेय ने निर्वाचन आयोग को निष्पक्ष संस्था बताते हुए कहा कि आयोग लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनादेश की रक्षा करता है। उन्होंने SIR की प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा कि मतदाता सूची में किसी तरह की त्रुटि होने पर उसे सुधारने का प्रावधान है। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया के तहत फॉर्म भरवाए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि केरल में कांग्रेस से जुड़े कुछ नेताओं और कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी SIR की प्रक्रिया का समर्थन किया है।
बिरगांव में गड़बड़ी के सवाल पर भी बोले
बिरगांव नगर निगम क्षेत्र में SIR के दौरान कथित गड़बड़ी को लेकर पूछे गए सवाल पर संतोष पांडेय ने कहा कि मतदाता सूची में गलतियों को सुधारने की व्यवस्था मौजूद है। हालांकि, उन्होंने इस मामले में कथित गड़बड़ी की प्रकृति और प्रभावित मतदाताओं की संख्या का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया।
भाजपा सांसद ने महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा। राष्ट्रपति की मिमिक्री से जुड़े विवाद का उल्लेख करते हुए उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधा और कांग्रेस पर महिलाओं के अपमान का आरोप लगाया।
भूपेश बघेल ने 25 लाख नाम हटाने का किया दावा
दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में SIR के दौरान करीब 25 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन मतदाताओं के नाम काटे गए हैं, उनकी सूची सार्वजनिक की गई है या नहीं।
बघेल ने कहा कि संतोष पांडेय भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता होने के साथ सांसद भी हैं, इसलिए उन्हें इस मामले में स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के कथित बयान का हवाला देते हुए भी भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि अगर नाम बार-बार हटाए जाने की बात कही जा रही है तो यह गंभीर विषय है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भाजपा और आयोग के बीच अंतर करना मुश्किल होता जा रहा है।
स्मृति ईरानी के दौरे पर भी बघेल का तंज
भूपेश बघेल ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने गैस सिलेंडर और प्रस्तावित गैस पाइपलाइन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भविष्य में पाइपलाइन के जरिए गैस आपूर्ति बढ़ने से गैस एजेंसी संचालकों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है।
उन्होंने मोबाइल रिचार्ज की बढ़ती कीमतों का उदाहरण देते हुए आशंका जताई कि आने वाले समय में गैस की कीमतें भी बढ़ सकती हैं।
स्मृति ईरानी के स्वागत में पोस्टर और बैनर नहीं लगाने के निर्देश को लेकर भी बघेल ने राज्य सरकार पर कटाक्ष किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार प्रचार-प्रसार पर भारी खर्च करती है, लेकिन अब एक विशेष दौरे के लिए पोस्टर-बैनर नहीं लगाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि इससे भाजपा से जुड़े कई लोगों के सामने रोजगार का संकट पैदा हो जाएगा।




