President Droupadi Murmu Chhattisgarh Visit: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर रायपुर पहुंच गई हैं। रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और मंत्रिमंडल के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट से राष्ट्रपति सीधे लोकभवन के लिए रवाना होंगी। अपने प्रवास के दौरान वे विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी। इसके बाद 23 अक्टूबर को राष्ट्रपति जगदलपुर में आयोजित ऐतिहासिक मुरिया दरबार में शामिल होकर बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं से रूबरू होंगी।
रायपुर में राष्ट्रपति का भव्य स्वागत
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के छत्तीसगढ़ आगमन को लेकर राजधानी रायपुर में विशेष तैयारियां की गई हैं। एयरपोर्ट पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश के मंत्रियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने कार्यक्रम स्थलों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति शाम 4 बजे बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगी। उनके दो दिवसीय प्रवास के दौरान रायपुर और बस्तर में विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।
23 अक्टूबर को मुरिया दरबार में शामिल होंगी राष्ट्रपति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 23 अक्टूबर को जगदलपुर पहुंचेंगी, जहां वे विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा से जुड़ी ऐतिहासिक परंपरा मुरिया दरबार में हिस्सा लेंगी। उनके आगमन को लेकर बस्तर में उत्साह का माहौल है। जनजातीय समाज के प्रतिनिधियों, मांझी-चालकी और बस्तर दशहरा समिति से जुड़े लोगों में राष्ट्रपति के स्वागत को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। कार्यक्रम और अन्य व्यवस्थाओं के लिए 2,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की तैयारी है।
बस्तर की पारंपरिक संवाद व्यवस्था का प्रतीक है मुरिया दरबार
बस्तर दशहरा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि जनजातीय संस्कृति, सामाजिक एकता और लोक परंपराओं का अनूठा संगम है। इसी आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा मुरिया दरबार है, जिसे बस्तर की सदियों पुरानी पारंपरिक संवाद व्यवस्था का प्रतीक माना जाता है।
मुरिया दरबार में मांझी-चालकी और अन्य पारंपरिक प्रतिनिधियों की सहभागिता बस्तर की विशिष्ट सामाजिक एवं सांस्कृतिक व्यवस्था को दर्शाती है। इस परंपरा के माध्यम से जनजातीय समाज की सामूहिक भागीदारी, आपसी संवाद और सामाजिक मुद्दों पर विचार-विमर्श को महत्व दिया जाता रहा है।
यह परंपरा बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति से इस ऐतिहासिक आयोजन का महत्व और बढ़ने की उम्मीद है।
राष्ट्रपति के आगमन को लेकर बस्तर में खास उत्साह
राष्ट्रपति के बस्तर आगमन और मुरिया दरबार में उनकी सहभागिता को लेकर स्थानीय जनजातीय समाज और पारंपरिक प्रतिनिधियों में खास उत्साह है। राष्ट्रपति भवन में बस्तर के युवाओं की ओर से दिया गया आमंत्रण अब साकार होने जा रहा है।
इस दौरे को बस्तर की सांस्कृतिक अस्मिता, गौरवशाली परंपराओं और क्षेत्र में हो रहे बदलावों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने के महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है। राष्ट्रपति की मौजूदगी से बस्तर की जनजातीय संस्कृति और पारंपरिक व्यवस्थाओं को व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में शामिल होंगे राज्य के प्रमुख जनप्रतिनिधि
मुरिया दरबार के अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल सहित प्रदेश के अन्य मंत्री शामिल होंगे।
इसके अलावा बस्तर के सांसद, जगदलपुर के विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, जगदलपुर महापौर, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, बस्तर दशहरा समिति के सदस्य, मांझी-चालकी और अन्य पारंपरिक पदाधिकारियों की भी उपस्थिति प्रस्तावित है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, जनजातीय परंपराओं और बस्तर की ऐतिहासिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




