खैरागढ़। कमीशन का लालच देकर बैंक खाते हासिल करने और उनमें आने वाली साइबर ठगी की रकम को निकालकर आगे पहुंचाने वाले गिरोह का खैरागढ़ पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में उत्तराखंड और दिल्ली से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से नकदी, मोबाइल फोन और बैंकिंग से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
मामले का खुलासा एडिशनल एसपी रूपेश कुमार दांडे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया। उन्होंने बताया कि गातापार थाना क्षेत्र निवासी राकेश कुमार भोक्ते ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके और उनकी पत्नी के बैंक खातों से अलग-अलग तारीखों में कुल 1 लाख 86 हजार 600 रुपये निकाल लिए गए हैं।
शिकायत के मुताबिक, 16 अगस्त 2026 को राकेश के आईडीबीआई बैंक खाते से 99 हजार रुपये और उनकी पत्नी सावित्री बाई भोक्ते के छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक खाते से 80 हजार रुपये निकाले गए थे। इसके बाद 1 सितंबर को एचडीएफसी बैंक खाते से भी 7,600 रुपये की राशि निकाल ली गई। शिकायत पर खैरागढ़ थाने में अपराध दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
बैंक खातों की जांच से मिला अहम सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने बैंक केवाईसी समन्वय पोर्टल से प्राप्त जानकारी के आधार पर संदिग्ध बैंक खातों की पड़ताल शुरू की। जांच टीम उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के झनकईया थाना क्षेत्र तक पहुंची। यहां पुलिस ने तारादेवी से पूछताछ की।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में तारादेवी ने बताया कि उज्जवल सिंह दानू ने जून 2026 में बैंक खाता देने के बदले उसे 5 हजार रुपये देने की बात कही थी। इसके बाद उसने भारतीय स्टेट बैंक और यूनियन बैंक के खाते एटीएम कार्ड समेत उज्जवल को सौंप दिए।
पुलिस ने तारादेवी के कब्जे से दोनों बैंकों की पासबुक और सैमसंग मोबाइल फोन जब्त किया। हालांकि, जांच में सहयोग के लिए नोटिस देने के बाद उसे सुपुर्दनामा पर छोड़ दिया गया।
10 प्रतिशत कमीशन लेकर निकालता था रकम
इसके बाद पुलिस ने उज्जवल सिंह दानू से पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, उज्जवल ने बताया कि खाते में रकम आने का मैसेज मिलने के बाद वह बैंक जाकर पैसे निकालता था। निकाली गई रकम में से 10 प्रतिशत कमीशन अपने पास रखकर बाकी राशि सतविंदर सिंह को दे देता था।
पुलिस ने उज्जवल के कब्जे से कथित कमीशन के 10 हजार रुपये नकद और पंजाब एंड सिंध बैंक की जमा पावती की छायाप्रति जब्त की। जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे 17 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया गया।
दिल्ली से दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी
मामले की जांच आगे बढ़ी तो पुलिस टीम दिल्ली पहुंची, जहां से 27 वर्षीय सतविंदर सिंह को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सतविंदर ने कथित तौर पर ठगी से हासिल भारतीय मुद्रा को डॉलर में बदलने की बात बताई। उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया।
सतविंदर को 18 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के लिए ट्रांजिट रिमांड लिया गया, जिसके बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।
‘म्यूल अकाउंट’ से सावधान रहने की अपील
पुलिस ने लोगों को चेतावनी दी है कि कुछ हजार रुपये के कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या बैंकिंग सुविधाएं किसी अन्य व्यक्ति को देना भारी पड़ सकता है। साइबर अपराधी अक्सर दूसरे लोगों के खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम प्राप्त करने और उसे आगे ट्रांसफर करने के लिए करते हैं। ऐसे खातों को आमतौर पर ‘म्यूल अकाउंट’ कहा जाता है।
पुलिस के मुताबिक, खाते में संदिग्ध रकम आने या वहां से निकाले जाने की स्थिति में खाताधारक भी जांच के दायरे में आ सकता है। इसलिए किसी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता इस्तेमाल करने न दें और न ही किसी के कहने पर खाते में आई रकम निकालकर दूसरे व्यक्ति को सौंपें।
साथ ही बैंक ओटीपी, एटीएम पिन, सीवीवी और इंटरनेट बैंकिंग से जुड़ी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की अपील की गई है। खाते से अनधिकृत रकम निकलने पर तत्काल बैंक को सूचना देने के साथ 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।




