रायपुर। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के कटोरा तालाब स्थित संत कंवर राम चौक के पास कपड़ा कारोबारी से हुई 53 लाख रुपये की उठाईगिरी का पुलिस ने खुलासा किया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और सिविल लाइन पुलिस की संयुक्त टीम ने मामले में दो आरोपियों मनीष यदु (39) और कमलेश कुशवाहा (36) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 53 लाख रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल पल्सर बाइक और दो मोबाइल समेत करीब 54 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, शैलेन्द्र नगर निवासी कपड़ा कारोबारी किशोर बलवानी 9 अक्टूबर को एक्टिवा के सामने सफेद कपड़े के बैग में नकदी लेकर पंडरी कपड़ा मार्केट स्थित अपनी दुकान जा रहे थे। संत कंवर राम चौक के पास एक्टिवा खड़ी कर पान खाने गए। करीब पांच मिनट बाद लौटे तो बैग और उसमें रखी नकदी गायब थी। शिकायत पर सिविल लाइन थाने में बीएनएस की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज किया गया।

जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में बिना नंबर की पल्सर बाइक पर दो संदिग्ध नजर आए। पुलिस ने आरोपियों के संभावित भागने वाले रास्तों पर लगे हजारों कैमरों के फुटेज खंगाले। जांच में पता चला कि आरोपी पहचान छिपाने के लिए रास्ते में बार-बार कपड़े बदल रहे थे और सीसीटीवी से बचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल कर रहे थे। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मनीष यदु और कमलेश कुशवाहा की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने वारदात से पहले करीब एक सप्ताह तक कारोबारी की रेकी की थी। कारोबारी की दिनचर्या और घर से दुकान आने-जाने की जानकारी जुटाने के बाद 9 अक्टूबर को उसका पीछा किया और कटोरा तालाब के पास मौका पाकर एक्टिवा से नकदी भरा बैग पार कर दिया।
पुलिस के अनुसार, चोरी की रकम को आरोपियों ने गीजर के अंदर, टीवी के पीछे और बच्चों के खिलौनों में छिपाकर रखा था। उनकी निशानदेही पर 53 लाख रुपये बरामद किए गए। चोरी की रकम का कुछ हिस्सा तीन बैंक खातों में जमा किया गया था, जिन्हें पुलिस ने फ्रीज करा दिया है।
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। मनीष यदु के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मारपीट और जुआ एक्ट के मामले दर्ज रहे हैं, जबकि कमलेश कुशवाहा भी मारपीट के मामले में जेल जा चुका है। मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।




