बिलासपुर। तखतपुर क्षेत्र के लोखंडी गांव में बिना लाइसेंस बड़ी मात्रा में कीटनाशक रखने के मामले में अब पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। कृषि विभाग की छापेमारी के दौरान जब्त किए गए सात कीटनाशक नमूनों की प्रयोगशाला जांच में सभी मिसब्रांडेड पाए गए। रिपोर्ट सामने आने के बाद विभाग ने सकरी थाने में आवेदन दिया, जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
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मामला 20 अगस्त का है। कृषि विभाग को शिकायत मिली थी कि लोखंडी में किराए के मकान में बिना लाइसेंस कीटनाशकों का भंडारण किया जा रहा है। सूचना पर विभागीय टीम ने मनीष रजक के किराए के मकान में कार्रवाई की। यहां आशु सिंह, पिता राम सिंह, निवासी दीनदयाल कॉलोनी मंगला, बिलासपुर के कब्जे से बड़ी मात्रा में कीटनाशक सामग्री मिली।
जांच के दौरान कुछ एक्सपायर्ड कीटनाशक भी पाए गए। विभाग ने मौके पर पंचनामा तैयार कर सामग्री जब्त की और मकान को सील कर दिया था। इसके बाद जब्त सामग्री में से सात नमूने लेकर गुणवत्ता परीक्षण के लिए राजनांदगांव स्थित राज्य कीटनाशी गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला भेजे गए।
प्रयोगशाला से आई रिपोर्ट में सातों नमूनों को मिसब्रांडेड बताया गया। रिपोर्ट मिलने के बाद कृषि विभाग ने मामले को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सकरी पुलिस के समक्ष रखा।
कृषि अधिकारी की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
कीटनाशक, खाद एवं बीज निरीक्षक सह कृषि विकास अधिकारी शिल्पा श्रीवास्तव के आवेदन पर पुलिस ने आरोपी आशु सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 286 के तहत अपराध दर्ज किया है।
पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है। जांच के दौरान कीटनाशकों की खरीद, स्रोत, संभावित बिक्री और भंडारण से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है। फिलहाल मामले में विभागीय कार्रवाई के बाद पुलिस जांच शुरू हो गई है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।




