कवर्धा। पंडरिया ब्लॉक के गुंझेटा गांव में करीब 43 लाख रुपये की लागत से बनी सड़क कुछ ही महीनों में खराब होने के बाद विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। करीब 550 मीटर लंबी सीसी सड़क की गुणवत्ता जांच में खामियां सामने आने के बाद अधिकारियों ने खराब हिस्से पर बुलडोजर चलवाकर उसे तोड़ दिया। अब संबंधित ठेकेदार को सड़क का दोबारा निर्माण गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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यह सड़क मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं ग्रामीण विकास योजना के तहत तैयार कराई गई थी। निर्माण पूरा होने के करीब तीन महीने बाद ही सड़क की गिट्टियां उखड़ने लगीं और जगह-जगह सतह खराब होने लगी। ग्रामीणों ने निर्माण में गुणवत्ता के मानकों की अनदेखी और घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायत विभाग से की थी।
शिकायत के बाद अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर सड़क का निरीक्षण किया। इसके बाद सड़क की कोर कटिंग कर सैंपल लिए गए और तकनीकी जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। जांच रिपोर्ट में सड़क निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। इसके बाद विभाग ने खराब सड़क को हटाने का फैसला लिया।
अधिकारियों के मुताबिक सड़क निर्माण के दौरान ठेकेदार को इंजीनियर की मौजूदगी और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार काम करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद निर्माण में लापरवाही बरते जाने की बात जांच में सामने आई। कार्रवाई के तहत खराब हिस्से को बुलडोजर से तोड़ दिया गया है।
विभाग ने ठेकेदार को निर्देश दिया है कि जहां सड़क की गुणवत्ता खराब मिली है, वहां उसे पूरी तरह हटाकर दोबारा गुणवत्तापूर्ण सड़क बनाई जाए। बताया जा रहा है कि ठेकेदार के भुगतान पर भी रोक लगाई गई है। वहीं ठेकेदार ने लिखित रूप से अपनी गलती स्वीकार करते हुए सड़क का पुनर्निर्माण कराने की बात कही है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सरकारी राशि से होने वाले निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। गुंझेटा में हुई कार्रवाई को जिले में चल रहे अन्य निर्माण कार्यों के लिए भी सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।




