बस्तर। तहसील क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। ग्राम पंचायत कुंडगुड़ा मधोता-2 के खैरगुड़ा खालेपारा में बारिश का पानी घरों में घुसने से 13 परिवारों के 69 लोग प्रभावित हुए हैं। कई परिवारों को रातभर घरों से पानी निकालने में जुटना पड़ा। जलभराव के कारण घरों में रखा धान और घरेलू सामान भीग गया है।
यह भी पढ़े :- नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोप में शिक्षक गिरफ्तार, डोंगरगांव पुलिस की कार्रवाई
लगातार बारिश के बीच प्रभावित परिवारों के सामने अब सुरक्षित स्थान पर रहने की चुनौती खड़ी हो गई है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को प्राथमिक शाला खैरगुड़ा में शिफ्ट करने की तैयारी के निर्देश दिए हैं।
नाली नहीं होने से बिगड़े हालात
ग्रामीणों के मुताबिक खैरगुड़ा खालेपारा में सड़क के दोनों ओर नाली नहीं होने के कारण बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। पानी सड़क और आसपास के हिस्सों में जमा होने के बाद घरों की तरफ पहुंच गया। ग्रामीणों ने कुछ मकानों में जमीन के भीतर से भी पानी निकलने की बात कही है, जिससे जलभराव की स्थिति और गंभीर हो गई।
जानकारी मिलने पर बस्तर एसडीएम गगन शर्मा के मार्गदर्शन में तहसीलदार जॉली जेम्स, नायब तहसीलदार फूलबती भूआर्य और नरेंद्र पैंकरा मौके पर पहुंचे। सरपंच ईस्पर मंडावी के साथ अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर घरों में भरे पानी और मौजूदा स्थिति का जायजा लिया।
अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। लगातार बारिश और घरों में पानी भरने की स्थिति को देखते हुए जरूरत पड़ने पर परिवारों को स्कूल भवन में सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था रखने को कहा गया है।
भैंसगांव समेत संवेदनशील इलाकों पर नजर
बारिश को देखते हुए प्रशासन बस्तर तहसील के दूसरे संवेदनशील क्षेत्रों में भी निगरानी कर रहा है। तहसीलदार जॉली जेम्स लगातार प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा ले रही हैं। भैंसगांव में भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को सतर्क रहने और जरूरी सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
सरपंच स्तर पर भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां की गई हैं, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके।
राशन नहीं ले जा पाया परिवार, स्थानीय स्तर पर मिली मदद
खैरगुड़ा में प्रभावित परिवारों की स्थानीय स्तर पर भी मदद की जा रही है। स्वयंसेवी मनोज कुमार ठाकुर सुबह से प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं की जानकारी लेते रहे। इसी दौरान सामने आया कि बारिश के कारण एक परिवार राशन दुकान से अपना चावल नहीं ले जा पाया था।
मनोज कुमार ठाकुर ने सरपंच ईस्पर मंडावी से संपर्क कर राशन की व्यवस्था में सहयोग किया। इसके बाद सोमारी के परिवार तक चावल पहुंचाया गया।
स्थायी जलनिकासी की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क किनारे नाली नहीं होने के कारण तेज बारिश के दौरान हर बार पानी की निकासी प्रभावित होती है। इस बार लगातार मूसलाधार बारिश होने से समस्या और बढ़ गई और पानी घरों तक पहुंच गया।
ग्रामीणों ने तत्काल राहत व्यवस्था के साथ-साथ सड़क के दोनों ओर नाली निर्माण और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित परिवारों को सुरक्षित रखना और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना है।
प्रभावित 13 परिवारों में त्रिनाथ, मालती, केशव, बिटलू, लक्ष्मण, बुटु, लयसिंह, सोमनाथ, सुखराम, पदम, शिवनाथ, हेमकुमार और तुलसी शामिल हैं।




