कोरबा। मोबाइल पर रील और सीरियल देखने की आदत के बीच नेटवर्क चले जाने को लेकर नाराज हुई 52 वर्षीय महिला ने कथित तौर पर कीटनाशक पी लिया। गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना करतला थाना क्षेत्र के केराकछार गांव की है।
जानकारी के मुताबिक, केराकछार निवासी मंगलो बाई (52) खाना खा रही थी और साथ में मोबाइल पर रील देख रही थी। इसी दौरान अचानक मोबाइल नेटवर्क चला गया। काफी देर इंतजार करने के बाद भी रील शुरू नहीं हुई तो वह नाराज हो गई। परिजनों के मुताबिक, गुस्से में उसने मोबाइल जमीन पर पटक दिया, जिससे मोबाइल टूट गया।
कमरे में खुद को किया बंद
मोबाइल पटकने के बाद मंगलो बाई कमरे के भीतर चली गई और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। करीब 10 मिनट बाद वह कमरे से बाहर आई और बरामदे में बैठ गई। कुछ देर बाद उसे लगातार उल्टियां होने लगीं।
शुरुआत में परिजनों को लगा कि उसकी तबीयत खराब हो गई है। हालांकि, उल्टी से जहरीले पदार्थ जैसी गंध आने पर उन्हें शक हुआ। कमरे की तलाशी लेने पर वहां कीटनाशक का खाली डिब्बा मिला। इसके बाद परिजनों को अंदेशा हुआ कि उसने कीटनाशक का सेवन किया है।
पहले घरेलू तरीके से उल्टी कराने की कोशिश
परिजनों ने तत्काल उसे इलाज के लिए करतला स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। मृतका के पति प्रेमलाल सारथी के अनुसार, गांव में चली आ रही पुरानी मान्यता के चलते अस्पताल ले जाने से पहले उन्होंने उसे उल्टी कराने के लिए गोबर का पानी पिलाया था। हालांकि, उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ।
बाद में डायल-112 की मदद से महिला को करतला स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उसे संजीवनी एक्सप्रेस से कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। यहां इलाज के दौरान रविवार को उसकी मौत हो गई।
परिवार में पति और तीन बच्चों समेत रहती थी महिला
मंगलो बाई अपने पति प्रेमलाल सारथी और तीन बच्चों के साथ रहती थी। प्रेमलाल मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिजनों के मुताबिक, मंगलो को मोबाइल पर रील और सीरियल देखने की आदत थी।
पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। महिला ने कीटनाशक क्यों पीया, इसे लेकर पुलिस परिजनों के बयान और घटनाक्रम की जांच कर रही है।
कोरबा मेडिकल कॉलेज में आत्महत्या के मामलों पर भी चिंता
बताया गया है कि कोरबा मेडिकल कॉलेज में पिछले 8 महीनों के दौरान आत्महत्या से जुड़े मामलों में 57 लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे मामलों में मानसिक तनाव, पारिवारिक परिस्थितियों और अन्य कारणों की पड़ताल के साथ लोगों में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत भी सामने आती है। फिलहाल इस घटना को लेकर पुलिस की जांच जारी है।




