अंबिकापुर। जिले के शिवपुर स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय की व्यवस्थाओं से परेशान 45 छात्राओं ने प्रशासन तक अपनी शिकायत पहुंचाने के लिए बड़ा कदम उठाया। छात्राएं करीब 30 किलोमीटर दूर अंबिकापुर कलेक्टोरेट के लिए पैदल ही निकल पड़ीं। करीब 6 किलोमीटर तक चलने के बाद मामले की जानकारी प्रशासन को मिली, जिसके बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में बस भेजकर छात्राओं को कलेक्टोरेट लाया गया।
कलेक्टोरेट पहुंचने के बाद छात्राओं ने कलेक्टर अजीत वसंत से मुलाकात करने की मांग की। इसी दौरान थकान और तनाव के चलते एक छात्रा अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी। उसे तत्काल एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया।
तीन महीने से बिजली की समस्या का आरोप
छात्राओं ने आरोप लगाया कि हॉस्टल में पिछले तीन महीने से बिजली की समस्या बनी हुई है। इसके अलावा मेस में साफ-सफाई की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। छात्राओं का कहना है कि फिजिक्स और केमिस्ट्री की कक्षाएं भी नियमित रूप से नहीं लग रही हैं।
छात्राओं के मुताबिक, इन समस्याओं को लेकर पहले भी प्राचार्य और विद्यालय प्रबंधन से शिकायत की गई थी, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं हुआ। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने पैदल अंबिकापुर पहुंचकर कलेक्टर के सामने अपनी बात रखने का फैसला किया।
अधिकारियों ने रास्ते में रोकने की कोशिश की
छात्राओं के पैदल निकलने की जानकारी मिलने के बाद आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ललित शुक्ला बैलकोटा पहुंचे। उन्होंने छात्राओं को समझाने और उनकी समस्याओं का समाधान कराने का भरोसा दिया। कुछ शिक्षकों ने भी उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन छात्राएं किसी अन्य अधिकारी से बातचीत के लिए तैयार नहीं हुईं और कलेक्टर से मिलने की मांग पर अड़ी रहीं।
शिक्षकों की ओर से छात्राओं के किसी के बहकावे में आने की बात कही गई, जबकि छात्राओं ने इसे खारिज करते हुए कहा कि वे बिना किसी दबाव के अपनी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन तक पहुंची हैं।
कलेक्टर ने दिए तत्काल समाधान के निर्देश
कलेक्टोरेट में छात्राओं से बातचीत के बाद उन्हें बस से वापस हॉस्टल भेज दिया गया। कलेक्टर अजीत वसंत ने छात्राओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के तत्काल समाधान के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने, शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था करने और मेस में साफ-सफाई तत्काल सुधारने के निर्देश दिए हैं।




