रायपुर। छत्तीसगढ़ में मास्टर प्लान, समान नागरिक संहिता (UCC), शिक्षा व्यवस्था और जल संरक्षण जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सरकार पर कई महत्वपूर्ण योजनाओं और मुद्दों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार सिर्फ दावे कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति अलग है।
मास्टर प्लान को लेकर सरकार पर सवाल
रायपुर के मास्टर प्लान को लेकर धनेंद्र साहू ने कहा कि वर्ष 2022 में मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन कई कारणों से इसे अब तक लागू नहीं किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सरकार इस मुद्दे से बच क्यों रही है।
साहू ने कहा कि कैपिटल कॉम्प्लेक्स को लेकर भी चर्चाएं हुई थीं, लेकिन यह योजना भी ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है। इसी तरह रायपुर से राजनांदगांव तक मेट्रो चलाने की बात कही गई थी, लेकिन इस दिशा में भी कोई ठोस काम दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मुद्दों को लेकर सरकार की स्पष्ट सोच नजर नहीं आती।
UCC पर बोले- अलग-अलग परंपराओं से छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए
समान नागरिक संहिता को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच धनेंद्र साहू ने कहा कि देश और प्रदेश में अलग-अलग समाजों की अपनी परंपराएं और रीति-रिवाज हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की सांस्कृतिक और सामाजिक परंपराओं के साथ छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने UCC के तहत लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े प्रावधानों को लेकर भी चिंता जताई। साहू ने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े मामलों में पैदा होने वाली सामाजिक और कानूनी समस्याओं के समाधान को पहले स्पष्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट समय-समय पर इस तरह के मामलों में दिशा-निर्देश देते रहे हैं। सरकार को न्यायपालिका के निर्देशों और सामाजिक परिस्थितियों के बीच सामंजस्य बनाकर फैसला लेना चाहिए।
शिक्षक भर्ती को लेकर शिक्षा मंत्री पर पलटवार
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए साहू ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है।
साहू के मुताबिक प्रदेश में बड़ी संख्या में स्कूल बंद किए जा रहे हैं और शिक्षकों के एक लाख से ज्यादा पद रिक्त हैं। उन्होंने कहा कि सरकार 50 हजार शिक्षकों की भर्ती करने का दावा कर रही है, लेकिन अब तक भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को भर्ती के नाम पर गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार को वास्तव में शिक्षा व्यवस्था सुधारनी है तो रिक्त पदों पर जल्द भर्ती करनी चाहिए।
कांग्रेस के प्रशिक्षण कार्यक्रम पर BJP के बयान का जवाब
कांग्रेस के संगठनात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर भाजपा की ओर से की गई टिप्पणियों पर धनेंद्र साहू ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा को कांग्रेस की चिंता करने के बजाय अपना घर देखना चाहिए।
साहू ने बताया कि संगठन सृजन अभियान के तहत पार्टी में नई ऊर्जा लाने का प्रयास किया जा रहा है। पहले जिला अध्यक्षों का प्रशिक्षण हुआ और अब ब्लॉक अध्यक्षों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के संगठनात्मक कार्यक्रमों को देखकर भाजपा घबरा रही है।
जल संरक्षण के दावों को बताया ‘बोगस आंकड़े’
छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण को लेकर सरकार के दावों पर भी धनेंद्र साहू ने सवाल उठाए। उन्होंने सरकार के आंकड़ों को खारिज करते हुए कहा कि अगर जल संरक्षण के क्षेत्र में वास्तव में काम हुआ है तो सरकार को उसके ठोस आंकड़े और काम की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में न तो पर्याप्त बांध बनाए गए और न ही नए जलाशयों के निर्माण की दिशा में अपेक्षित काम हुआ। साहू ने कहा कि सरकार जल संरक्षण के बजाय नदियों को सूखने की स्थिति में पहुंचा रही है।
उन्होंने रेत खनन और जल संरक्षण का जिक्र करते हुए कहा कि जब तक नदियों में रेत रहेगी, तब तक जल संरक्षण की स्थिति बेहतर रह सकती है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी सवाल उठाया।
BJP के पोस्टर पर भी साधा निशाना
भाजपा के पोस्टर को लेकर पूछे गए सवाल पर धनेंद्र साहू ने कहा कि कांग्रेस की बढ़ती लोकप्रियता से भाजपा में घबराहट है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कांग्रेस के खिलाफ लगातार बेबुनियाद और अनर्गल आरोप लगा रही है।
जातिगत राजनीति के आरोपों पर साहू ने भाजपा और RSS पर पलटवार करते हुए कहा कि दूसरों को नसीहत देने से पहले भाजपा को अपने भीतर झांकना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है और पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा पैदा की जा रही है।




