गरियाबंद। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन विभाग ने अंतरराज्यीय लकड़ी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। उप निदेशक वरुण जैन के निर्देश पर छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा से लगे ओडिशा के रायघर वन परिक्षेत्र में पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने तीन संदिग्ध परिसरों में तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान करीब 3 से 4 घनमीटर बेशकीमती सागौन और साल की लकड़ी बरामद की गई है। जब्त लकड़ी की अनुमानित कीमत करीब 3 लाख रुपए बताई जा रही है।
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ड्रोन और डॉग स्क्वाड से की गई निगरानी
जानकारी के अनुसार, रायघर वन परिक्षेत्र के दासपुर गांव में चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान टीम ने ड्रोन निगरानी और डॉग स्क्वाड की भी मदद ली। टीम ने तीन संदिग्ध परिसरों की जांच की और वहां से बड़ी मात्रा में सागौन एवं साल की लकड़ी बरामद की।
कार्रवाई के दौरान दो संदिग्ध मौके से फरार हो गए। वन विभाग ने उनकी तलाश शुरू कर दी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
तस्करी के नेटवर्क की जांच तेज
वन विभाग अब रायघर वन परिक्षेत्र के पुराने रिकॉर्ड भी खंगाल रहा है। अधिकारियों का उद्देश्य लकड़ी की अवैध कटाई और तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाना है। टीम यह भी जांच कर रही है कि बरामद लकड़ी कहां से लाई गई थी और इस अवैध कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर लकड़ी तस्करी से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों ने कहा है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




