CJP Protest : नीट (NEET) पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़क से संसद तक जारी संग्राम और तेज हो गया। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान दो स्थानों पर हुए भीषण पथराव में दो सहायक पुलिस आयुक्तों (ACP) समेत छह पुलिसकर्मी घायल हो गए।
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उग्र भीड़ और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस तथा त्वरित कार्य बल (RAF) को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और लाठीचार्ज करना पड़ा। इस झड़प में कई प्रदर्शनकारी भी चोटिल हुए हैं।
घायलों को कराया गया अस्पताल में भर्ती, इंटरनेट सेवा बंद
अचानक भीड़ के हिंसक होने से घायल हुए पुलिसकर्मियों को तुरंत पास के राममनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिहाज से इलाके में एहतियातन इंटरनेट सेवाओं को सुबह 6 बजे तक के लिए निलंबित कर दिया गया है।
तनाव को देखते हुए रात में ही मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई। देर रात तक जंतर-मंतर और आसपास की सड़कों पर भारी संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद थे, जिससे पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बनी रही।
देशभर में फैला आंदोलन
दिल्ली से शुरू हुआ यह आंदोलन अब देश के अन्य प्रमुख शहरों में भी फैल गया है। बुधवार को पटना, जयपुर, चेन्नई, अहमदाबाद, तिरुवनंतपुरम और मुंबई समेत कई शहरों में छात्रों व छात्र संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया तथा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई।
पुलिस के अनुसार, उपद्रव के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा हथियार लहराने की भी सूचना है, हालांकि पुलिस ने जल्द ही स्थिति पर काबू पा लिया। बताया जा रहा है कि शाम को प्रदर्शन समाप्त होने के बाद लौट रही भीड़ अचानक उग्र हो गई और उसने पुलिस व मीडियाकर्मियों को निशाना बनाते हुए पथराव व बोतलें फेंकीं।
जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त
फिलहाल जंतर-मंतर पर स्थिति नियंत्रण में और सामान्य है। हालांकि, एहतियात के तौर पर पूरे इलाके में पुलिस बल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील स्थलों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और कनॉट प्लेस के आसपास चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।
पुलिस ने की शांति की अपील
घटना के बाद से दिल्ली के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। दिल्ली पुलिस ने आम जनता और प्रदर्शनकारियों से शांति व कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। वहीं दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।



