रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान प्रदेश की अग्निशमन व्यवस्था को लेकर सदन में गंभीर चर्चा हुई। भाजपा विधायक सुनील सोनी ने राष्ट्रीय फायर एडवाइजरी के मानकों का हवाला देते हुए सरकार से सवाल किया कि वर्तमान व्यवस्था में केवल तीन फायर स्टेशनों के भरोसे प्रभावी अग्निशमन सेवाएं कैसे संचालित की जा सकती हैं। उन्होंने बढ़ते शहरीकरण और औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार को देखते हुए फायर सर्विस को सशक्त बनाने की आवश्यकता बताई।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने जवाब में कहा कि वर्ष 2018 में अग्निशमन सेवा से जुड़े नियम बनाए गए थे, लेकिन पिछली सरकार के कार्यकाल में आवश्यक भर्तियां नहीं होने से विभाग में मैनपावर और संसाधनों की कमी बनी रही। उन्होंने बताया कि सरकार अब चरणबद्ध तरीके से अग्निशमन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
मंत्री ने सदन को जानकारी दी कि रायपुर के उरला क्षेत्र में नया फायर स्टेशन बनाया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश में उपलब्ध 22 फायर वाहनों के माध्यम से सेवाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
चर्चा के दौरान विधायक सुनील सोनी ने नए फायर वाहनों की खरीदी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने पूछा कि आधुनिक वाहनों की खरीद कब तक पूरी होगी और सुझाव दिया कि इन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप खरीदा जाए। इस पर गृहमंत्री ने बताया कि अप्रैल और मई में राजस्व विभाग से आवश्यक राशि प्राप्त हो चुकी है तथा फायर वाहनों के मॉडिफिकेशन और तकनीकी प्रक्रियाएं जारी हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद नए वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे।
विधायक ने कई पुराने फायर सब-स्टेशनों की जर्जर स्थिति का मुद्दा भी उठाया। इस पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने माना कि विभाग में मैनपावर की कमी एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर संसाधनों का विस्तार, नए ढांचे का विकास और अग्निशमन सेवाओं को अधिक आधुनिक एवं प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।



