रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का तीसरा दिन (बुधवार) विधायी और राजनीतिक दृष्टि से बेहद गहमागहमी भरा रहने की उम्मीद है। आज सदन की कार्यवाही के दौरान प्रश्नकाल में जहाँ विपक्ष कई महत्वपूर्ण विभागों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत कई मंत्री वार्षिक प्रतिवेदन और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज पटल पर रखेंगे। इसके अतिरिक्त, इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार और शासकीय मुद्रणालय में कथित गड़बड़ी जैसे मुद्दों पर सदन में तीखी बहस होने के आसार हैं।
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प्रश्नकाल में मंत्रियों की होगी परीक्षा
सत्र के तीसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और मंत्री गुरु खुशवंत साहेब विभिन्न विभागों से जुड़े जनहित के सवालों के जवाब देंगे। विपक्ष ने इन मंत्रियों के विभागों से संबंधित मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की है।
पटल पर रखे जाएंगे कई वार्षिक प्रतिवेदन
आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सदन में ‘छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन’ (CMDC) और ‘स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी’ का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे। इसके साथ ही:
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उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी अपने-अपने विभागों से संबंधित आवश्यक पत्र और प्रतिवेदन सदन के पटल पर रखेंगे।
इन दो ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर टिकी रहेंगी नजरें
सदन में आज दो बेहद संवेदनशील और जनहित से जुड़े ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा होगी:
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बाघों के शिकार का मामला: इंद्रावती टाइगर रिजर्व में लगातार हो रहे बाघों के शिकार को लेकर विपक्ष सरकार से जवाब तलब करेगा।
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शासकीय मुद्रणालय में गड़बड़ी: शासकीय मुद्रणालय के प्रिंटिंग कार्यों में कथित तौर पर हुई वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताओं की ओर विपक्ष सरकार का ध्यान आकर्षित करेगा।
समितियों की रिपोर्ट और याचिकाएं होंगी प्रस्तुत
विधायी प्रक्रियाओं के तहत आज कई समितियों की रिपोर्ट भी पेश की जाएगी:
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विधायक विक्रम उसेंडी गैर-सरकारी सदस्यों के विधेयकों एवं संकल्पों से संबंधित समिति का पहला प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे।
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इसके अलावा, विधायक कुंवर सिंह निषाद, सावित्री मंडावी और राघवेंद्र सिंह जनहित से जुड़ी विभिन्न याचिकाओं को सदन के समक्ष रखेंगे।
7 शासकीय विधायी कार्य भी कार्यसूची में शामिल
सदन की आज की कार्यसूची में 7 महत्वपूर्ण शासकीय विधायी कार्यों (विधेयकों) को भी शामिल किया गया है, जिन्हें पटल पर रखा जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन विधेयकों और ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के चलते आज सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है।



