दतिया। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी घोषित होने के बाद पार्टी के भीतर विरोध खुलकर सामने आ गया। पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने से नाराज उनके समर्थकों ने नेशनल हाईवे-44 पर प्रदर्शन करते हुए जाम लगा दिया। जाम हटाने पहुंची पुलिस पर प्रदर्शनकारियों ने पथराव कर दिया, जिसमें पुलिस अधीक्षक (SP) समेत छह लोग घायल हो गए।
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भाजपा ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। इसके बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। हजारों समर्थक हाईवे पर उतर आए और करीब 12 घंटे तक यातायात बाधित रहा। जाम के कारण कई बसें और एंबुलेंस भी फंस गईं।
पुलिस पर पथराव, आंसू गैस के गोले छोड़े
स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। प्रशासन के अनुसार, जाम हटाने की कोशिश के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए।
दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज नहीं किया और बल प्रयोग से बचने की कोशिश की गई। हालांकि पथराव में पुलिस अधिकारियों सहित छह लोग घायल हुए हैं।
24 घंटे का अल्टीमेटम
नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने भाजपा नेतृत्व को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए टिकट बदलने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि तय समय में फैसला नहीं बदला गया तो बड़े पैमाने पर पार्टी पदाधिकारी इस्तीफा देंगे।
जिला अध्यक्ष ने भी दिया इस्तीफा
विरोध के बीच भाजपा के दतिया जिला अध्यक्ष रघुवीर कुशवाहा ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पार्टी नेतृत्व को भेजे पत्र में स्थानीय कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप लगाया है।
कुशवाहा ने चेतावनी दी कि यदि नरोत्तम मिश्रा को उम्मीदवार नहीं बनाया गया तो जिला अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, बड़ौनी पंचायत अध्यक्ष, दतिया विधानसभा के छह मंडलों के अध्यक्ष और 291 बूथों के पदाधिकारी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे सकते हैं।
कौन हैं नरोत्तम मिश्रा?
नरोत्तम मिश्रा दतिया से कई बार विधायक रह चुके हैं और मध्य प्रदेश सरकार में गृह मंत्री का पद भी संभाल चुके हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी से हार का सामना करना पड़ा था। उपचुनाव में उनके नाम की चर्चा थी, लेकिन भाजपा ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया, जिसके बाद दतिया में पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया। अब सबकी नजर भाजपा नेतृत्व के अगले फैसले पर टिकी है।



