आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से एक दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है। सिकंदरा थाना क्षेत्र में एक महिला पर अपने पति की हत्या कर शव को घर के बाथरूम के फर्श के नीचे दफनाने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला ने घटना के बाद बाथरूम का फर्श दोबारा प्लास्टर करवाया और पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराकर करीब 46 दिनों तक पुलिस और परिजनों को गुमराह करती रही। मामले का खुलासा होने के बाद महिला ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य बताए हैं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी रूबी ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि जिस बाथरूम के फर्श के नीचे उसने पति सुरेंद्र कुमार शर्मा का शव दबाया था, उसी बाथरूम का वह प्रतिदिन उपयोग करती रही। पुलिस ने बाथरूम का फर्श खुदवाकर वहां से कंकाल बरामद किया है और उसे पोस्टमार्टम व फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।
फिल्म से मिला आइडिया होने का दावा
पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि शव को घर में छिपाने का विचार उसे फिल्म दृश्यम देखने के बाद आया था। हालांकि पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है और पूरे घटनाक्रम की पुष्टि साक्ष्यों के आधार पर कर रही है।
पुलिस के अनुसार घटनाक्रम
पुलिस जांच के मुताबिक, 17 जून की रात रूबी ने कथित रूप से खीर में नींद की गोलियां मिलाकर पति को खिलाईं, जिससे उनकी मौत हो गई। अगले दिन उसने घर में मौजूद अन्य सदस्यों को बहाने से बाहर भेज दिया। इसके बाद बाथरूम का फर्श तोड़कर शव को वहां दफनाया गया। शव के ऊपर नमक और मिट्टी डालकर गड्ढा भर दिया गया तथा अगले दिन मिस्त्री बुलाकर फर्श पर दोबारा प्लास्टर करा दिया गया।
इसके बाद महिला ने परिजनों के सामने पति के लापता होने की बात कही और गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई।
ऐसे खुला हत्या का राज
बताया जा रहा है कि एक पुराने मामले के सत्यापन के सिलसिले में पुलिस जब आरोपी के घर पहुंची और सुरेंद्र शर्मा के बारे में पूछताछ की, तो महिला घबरा गई। पुलिस के जाने के बाद उसने अपने जेठ को घर बुलाया और कथित रूप से हत्या की बात स्वीकार कर ली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बाथरूम की खुदाई करवाई, जहां से शव का कंकाल बरामद हुआ।
कई पहलुओं पर जांच जारी
पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत होता है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इतने भारी शव को अकेले ठिकाने लगाना आसान नहीं था। इसलिए यह भी जांच की जा रही है कि वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।
पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल की गूगल सर्च हिस्ट्री और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। इसके अलावा परिवार के सदस्यों और बच्चों से भी पूछताछ की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमार्टम के निष्कर्ष आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



