बालोद। जिले में लगातार हो रही डीजल चोरी की वारदातों पर आखिरकार पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। बालोद पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने अंतर्राज्यीय डीजल चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के सरगना समेत 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले इस मामले में दो आरोपी पकड़े जा चुके थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वाहन, मोबाइल फोन, नगदी, डीजल परिवहन में इस्तेमाल होने वाला टैंकर और बड़ी संख्या में गैलन जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार यह संगठित गिरोह रात के समय हाईवे और सुनसान स्थानों पर खड़ी ट्रकों, बसों और भारी वाहनों को निशाना बनाता था। आरोपी डीजल टैंक का ताला तोड़कर पाइप और गैलन की मदद से डीजल निकालते थे और बाद में उसे अवैध रूप से बेच देते थे।
क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं को देखते हुए दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य और बालोद पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन और एसडीओपी बोनीफॉस एक्का के पर्यवेक्षण में निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा तथा साइबर सेल प्रभारी धरम भुआर्य के नेतृत्व में जांच शुरू की गई।
पहले दो आरोपी गिरफ्तार, फिर खुला पूरा नेटवर्क
13 जून को पुलिस ने नाकेबंदी के दौरान शिवपाल उर्फ शिवा वाल्मिकी और देवेन्द्र विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से एक स्विफ्ट डिजायर कार, सूमो गोल्ड, स्कॉर्पियो, मोबाइल फोन और 490 लीटर चोरी का डीजल बरामद किया गया था। जब्त सामग्री की कीमत करीब 5.51 लाख रुपये आंकी गई थी।
इन आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस को गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी मिली। तकनीकी साक्ष्यों और साइबर इनपुट के आधार पर पता चला कि गिरोह के कई सदस्य रायपुर के उरला क्षेत्र में किराए के मकान में छिपे हुए हैं।
रायपुर में दबिश देकर 9 आरोपी दबोचे गए
पुलिस टीम ने उरला में घेराबंदी कर सोनू वाल्मिकी, गणेश साव, अरुण फुलेरिया, तुषार माली, राहुल चंदेल, राकेश चंदेल, होकम सिंह मालवी, विरेन्द्र सिंह और धरमराज फुलेरिया को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले के एक युवक ‘क्रिश’ ने गिरोह के सदस्यों को बताया था कि भिलाई निवासी गणेश साव चोरी का डीजल खरीदता है और कमीशन काटकर नगद भुगतान करता है। इसके बाद गिरोह सक्रिय हो गया।
गणेश साव करता था डीजल की खरीद-फरोख्त
जांच में सामने आया कि गणेश साव ही आरोपियों को डीजल चोरी के लिए गैलन और पाइप उपलब्ध कराता था। आरोपी स्विफ्ट डिजायर और स्कॉर्पियो जैसे वाहनों से बालोद जिले के लाटाबोड़, नेवारीखुर्द, जगतरा, अर्जुन्दा और कुम्हारी क्षेत्रों में पहुंचते थे और वहां खड़े वाहनों से डीजल चोरी करते थे।
चोरी किया गया डीजल गैलनों में भरकर गणेश साव के पास पहुंचाया जाता था, जहां उसे खरीदा और आगे बेचा जाता था। पुलिस ने गणेश साव के पास से 37 प्लास्टिक गैलन, 40 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
वाहन और टैंकर भी जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई वाहन जब्त किए हैं, जिनमें सोनू वाल्मिकी से एमपी 53 सीए 1629 नंबर का वाहन, अरुण फुलेरिया से एमएच 04 डीवाई 0004 नंबर का वाहन तथा विरेन्द्र सिंह से चोरी का डीजल परिवहन करने वाला टैंकर क्रमांक सीजी 19 एच 0321 बरामद किया गया है।