दुर्ग। जिले में ऑनलाइन गेमिंग एप के जरिए सट्टा कारोबार चलाने वाले एक बड़े गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। यह मामला तब सामने आया जब कांग्रेस के दो नेताओं के बीच विवाद और मारपीट के बाद एक पक्ष ने पूरे नेटवर्क की जानकारी पुलिस को दी। मामले में कई राज्यों तक फैले ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है और अब तक 9 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
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जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश महासचिव राजेश गुप्ता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अनिल सिंह के बीच हुए विवाद के बाद मामला गंभीर हो गया। विवाद बढ़ने पर अनिल सिंह ने एसपी को शिकायत दी, जिसमें राजेश गुप्ता और उनके बेटे निशांत कुमार गुप्ता पर ऑनलाइन सट्टा संचालन और अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाए गए।
पुलिस जांच में सामने आया कि 27 मई को मिली शिकायत के आधार पर राजेश गुप्ता और उनके पुत्र निशांत कुमार गुप्ता के खिलाफ ऑनलाइन सट्टा कारोबार की जांच शुरू की गई थी। आरोप है कि दोनों अन्य राज्यों में छिपकर ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क चला रहे थे और इससे बेनामी संपत्ति अर्जित की जा रही थी। राजेश गुप्ता पर पहले भी नकली नोट से जुड़े मामले में अपराध दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने छावनी थाना क्षेत्र के कैम्प-2 स्थित आवास से निशांत कुमार गुप्ता समेत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें से 6 आरोपी उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ और मऊ जिले के रहने वाले हैं, जबकि 2 आरोपी बिहार से जुड़े बताए जा रहे हैं।
मुख्य आरोपी निशांत कुमार गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद जांच में खुलासा हुआ कि वह लंबे समय से नागपुर, विशाखापट्टनम सहित अन्य राज्यों में किराए के मकानों से ऑनलाइन सट्टा संचालन कर रहा था। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह C-B Cricket Buzz Betting App और RubyBet जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से सट्टा नेटवर्क चला रहा था।
पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क में काम करने वाले ऑपरेटर महाराष्ट्र के नागपुर में एक किराए के मकान से पूरे सिस्टम को संचालित कर रहे थे। यहां से डिपॉजिट, विड्रॉल, अकाउंट मैनेजमेंट और आईडी संचालन जैसे तकनीकी कार्य किए जाते थे। इसके बदले प्रत्येक ऑपरेटर को 20 से 25 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाता था।
जांच में यह भी सामने आया कि इस नेटवर्क के जरिए प्रतिदिन लगभग 4 से 5 लाख रुपये का लेन-देन होता था, जो महीने में करीब 1.5 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 28 लाख रुपये के सोने-चांदी और डायमंड के आभूषण, 1.52 लाख रुपये नकद, 29 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, 2 आईपैड, 85 एटीएम कार्ड, 18 पासबुक, 45 सिम कार्ड और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और टेलीकॉम अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की है। वहीं मुख्य आरोपी निशांत गुप्ता की तलाश में भी आगे की जांच जारी है।
फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क के अन्य लिंक और आर्थिक लेन-देन की जांच में जुटी हुई है, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इस सट्टा रैकेट का दायरा और भी बड़ा हो सकता है।



