रायगढ़, 25 मई। Baby Elephant : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाला एक बेहद भावुक मामला सामने आया है। छाल वन परिक्षेत्र के आमागुड़ा-पुसल्दा तालाब में दलदल में फंसने से एक बेबी एलीफेंट की मौत हो गई। घटना के बाद उसकी मां हथिनी अपने मृत बच्चे को सूंड और पैरों से उठाने की कोशिश करती रही। यह मार्मिक दृश्य वहां मौजूद ग्रामीणों ने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के मुताबिक, धरमजयगढ़ वन मंडल के छाल रेंज में इन दिनों 52 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। शनिवार रात हाथियों का झुंड जंगल से निकलकर तालाब के पास पहुंचा था। माना जा रहा है कि हाथी पानी पीने और नहाने के लिए तालाब में उतरे थे। इसी दौरान एक शावक दलदल में फंस गया और बाहर नहीं निकल सका।
दलदल में फंसे रहने के कारण बेबी एलीफेंट की मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद हाथियों का पूरा झुंड पूरी रात तालाब के आसपास डटा रहा और चिंघाड़ता रहा। सुबह ग्रामीणों और हाथी ट्रैकर्स ने घटना की जानकारी वन विभाग को दी।
मां की ममता कैमरे में कैद
घटना के दौरान सबसे भावुक कर देने वाला दृश्य तब सामने आया, जब एक मादा हाथी अपने मृत शावक को सूंड और पैरों की मदद से उठाने की कोशिश करती रही। मां हथिनी बार-बार अपने बच्चे को उठाकर खड़ा करने का प्रयास करती दिखी। यह दृश्य देख ग्रामीण भी भावुक हो गए।
कुछ देर बाद हाथियों का झुंड जंगल की ओर लौट गया, जिसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शावक के शव को दलदल से बाहर निकाला।
17 दिनों में तीसरी मौत
धर्मजयगढ़ वन प्रभाग में पिछले 17 दिनों के भीतर यह तीसरे हाथी के बच्चे की मौत है। मई में 6 महीने के एक बच्चे की घोगरा बांध में डूबने से मौत हो गई। 11 मई में केराजहरिया जंगल में एक बांध के दलदली इलाके में फंसने से मौत हो गई। 24 मई में अमागुड़ा-पुसल्दा तालाब की कीचड़ में फंसा हुआ एक मृत बच्चा मिला। बार-बार होने वाली इन घटनाओं की इस कड़ी ने वन विभाग के कामकाज और हाथी संरक्षण के लिए लागू उपायों की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वन विभाग क्या बोला?
वन अधिकारी राजेश चौहान ने बताया कि इलाके में 52 हाथियों का दल घूम रहा था। मृत शावक को बाहर निकालकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। प्रारंभिक आशंका है कि शावक तालाब के दलदल में फंस गया था।



