कबीरधाम। जिले के काटाबहरा गांव से एक मार्मिक मामला सामने आया है, जहां संसाधनों की कमी से जूझता एक पति अपनी गंभीर रूप से बीमार पत्नी को बाइक पर लिटाकर कलेक्ट्रेट पहुंच गया। पत्नी की हालत और पति की बेबसी ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया।
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जानकारी के अनुसार, समलू मरकाम अपनी पत्नी कपूरा मरकाम को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। कपूरा मरकाम थायराइड कैंसर के चौथे स्टेज से पीड़ित हैं और चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर गोपाल वर्मा ने तुरंत संज्ञान लिया और एम्बुलेंस बुलवाकर महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को मरीज को हरसंभव बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, महिला का इलाज वर्ष 2024 से लगातार जारी है। रायपुर के एम्स, मेकाहारा (डीकेएस अस्पताल) सहित निजी अस्पतालों में उपचार कराया गया है। इसके अलावा जनवरी 2025 में मुंबई के टाटा मेमोरियल अस्पताल में भी करीब एक माह तक इलाज हुआ था।
बताया गया कि नवंबर 2025 में हालत बिगड़ने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची थी और 108 एम्बुलेंस के जरिए महिला को रायपुर भेजा गया था, जहां एम्स में कीमोथेरेपी दी गई थी। उपचार के बाद वह घर लौट आई थीं, लेकिन अब एक बार फिर तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।
परिवार का संघर्ष जारी
समलू मरकाम का संघर्ष केवल बीमारी से नहीं, बल्कि सीमित संसाधनों से भी है। पत्नी को बाइक में लिटाकर इलाज के लिए लाना उनकी मजबूरी को दर्शाता है। हालांकि, प्रशासन की त्वरित पहल से अब बेहतर इलाज की उम्मीद जगी है।
रायपुर में होगा उन्नत इलाज
फिलहाल महिला का इलाज जिला अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में जारी है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जल्द ही उन्हें रायपुर के बड़े अस्पताल में रेफर किया जाएगा, जहां विशेषज्ञों की टीम उनका उपचार करेगी।
यह घटनाक्रम एक ओर प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है, वहीं ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की चुनौतियों को भी उजागर करता है।



