रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ की मेजबानी प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। इससे बस्तर समेत पूरे राज्य की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा।
यह भी पढ़े :- सीएम साय ने विपक्ष पर साधा निशाना, नक्सलवाद पर राजनीति को बताया अनुचित
मुख्यमंत्री से आज उनके निवास कार्यालय में केंद्रीय खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री Raksha Nikhil Khadse ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान विधायक पुरंदर मिश्रा, भारतीय खेल प्राधिकरण (Sports Authority of India) के उप महानिदेशक मयंक श्रीवास्तव और खेल विभाग के सचिव यशवंत कुमार भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री का शॉल, बस्तर आर्ट की आकर्षक प्रतिकृति और Bastar Dussehra पर आधारित कॉफी टेबल बुक भेंट कर स्वागत किया।
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल उन्हें सही मंच और संसाधन देने की है। राज्य सरकार खेल और सांस्कृतिक आयोजनों के जरिए प्रतिभाओं को निखारकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में आयोजित बस्तर और सरगुजा ओलंपिक ने प्रदेश को नई पहचान दिलाई है। इन आयोजनों से कई छिपी प्रतिभाएं सामने आई हैं, जिससे युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है। सरकार उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराने पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब मुख्यधारा से तेजी से जुड़ रहा है और क्षेत्र में शांति स्थापित होने से युवाओं की खेलों में भागीदारी और बढ़ेगी।
उन्होंने ‘बस्तर पंडुम’ का उल्लेख करते हुए बताया कि इस आयोजन में पारंपरिक खेल, संगीत, वेशभूषा और व्यंजन सहित 12 विधाओं में लगभग 54 हजार प्रतिभागियों की भागीदारी प्रदेश की समृद्ध परंपरा का उदाहरण है।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय राज्य मंत्री Raksha Nikhil Khadse ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं। Jagdalpur में आयोजित इस कार्यक्रम को उन्होंने आदिवासी सशक्तिकरण और जमीनी स्तर पर प्रतिभा खोज की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया।



