गरियाबंद। उरमाल में आयोजित अश्लील डांस कार्यक्रम मामले में आखिरकार प्रशासन का चाबुक चल ही गया है। कमिश्नर महादेव कांवरे ने कार्यक्रम की अनुमति देने वाले एसडीएम तुलसी दास मरकाम को निलंबित कर दिया है। जांच में यह पुष्टि हुई कि नियमों को ताक पर रखकर अश्लील नृत्य कार्यक्रम की अनुमति दी गई थी।
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जांच में यह भी सामने आया है कि एसडीएम मरकाम न केवल इस आयोजन को अनुमति देने के जिम्मेदार थे, बल्कि वे स्वयं 9 जनवरी को कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर आयोजन में शामिल भी हुए, जिससे प्रशासन की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा।
दरअसल, देवभोग थाना क्षेत्र के उरमाल गांव में 6 दिवसीय ओपेरा का आयोजन किया गया था। मनोरंजन के नाम पर उरमाल के कुछ युवकों की समिति ने मैनपुर एसडीएम से अनुमति ली थी, लेकिन आयोजन के तीसरे दिन यानी 7 जनवरी से खुलेआम अश्लीलता परोसी जाने लगी। आयोजन के लिए ‘ओडिशा की सनी लियोनी’ के नाम से प्रचार कर डांसर को बुलाया गया और अश्लील वीडियो के जरिए कार्यक्रम का प्रचार किया गया।

8 जनवरी से भारी भीड़ जुटने लगी, वहीं 9 जनवरी को खुद एसडीएम मरकाम आयोजन देखने पहुंचे। आयोजकों ने उनके लिए आगे की सीट आरक्षित कर रखी थी। रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक मंच पर अर्धनग्न अवस्था में डांस होता रहा। पंडाल के भीतर हालात बेकाबू थे, जहां अफसरों, पुलिसकर्मियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा पैसे लुटाने के दृश्य भी सामने आए।
10 जनवरी को वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया। हालांकि, शुरुआत में आयोजन की अनुमति देने वाले एसडीएम के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसे लेकर सवाल उठने लगे।
इस पूरे मामले जांच दल गठित किया गया और रिपोर्ट आने के बाद अंततः एसडीएम तुलसी दास मरकाम को निलंबित करने का आदेश जारी किया गया।



