बस्तर। बकावंड विकासखंड की ग्राम पंचायत जैतगिरी स्थित धान खरीदी केंद्र में किसानों के साथ खुलेआम लूट का मामला सामने आया है। केंद्र के मैनेजर सतीश कुमार पांडे पर नियमों को ताक पर रखकर प्रति बोरी 41.220 ग्राम धान जबरन काटने का गंभीर आरोप लगा है। यह कटौती न तो किसी शासकीय आदेश के अंतर्गत है और न ही इसका कोई वैधानिक आधार बताया जा रहा है, जिससे किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
किसानों का कहना है कि पहले ही वे प्राकृतिक आपदाओं, बढ़ती लागत, खाद-बीज की महंगाई और मजदूरी संकट से जूझ रहे हैं, ऊपर से धान खरीदी केंद्र में इस तरह की अवैध कटौती उनके साथ आर्थिक शोषण और सीधी लूट है। आरोप है कि जब किसान विरोध करते हैं तो उन्हें धमकी दी जाती है कि धान नहीं तौला जाएगा, वापस ले जाओ। मजबूर होकर किसान कटौती सहने को विवश हैं।
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स्थानीय किसानों ने बताया कि यह गड़बड़ी कोई एक-दो दिन की नहीं, बल्कि लंबे समय से लगातार जारी है। हर बोरी में 41.220 ग्राम धान की कटौती करने से सैकड़ों क्विंटल धान का अवैध फायदा उठाया जा रहा है, जिसकी सीधी मार गरीब और छोटे किसानों पर पड़ रही है। किसानों का सवाल है कि यह कटा हुआ धान आखिर जा कहां रहा है और किसके संरक्षण में यह लूट चल रही है?
किसान संगठनों और ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है तथा दोषी मैनेजर सतीश कुमार पांडे पर तत्काल निलंबन एवं कड़ी कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है। साथ ही किसानों से अब तक की गई अवैध कटौती की पूरी भरपाई किए जाने की भी मांग उठ रही है।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही इस मामले में प्रशासन द्वारा सख्त कदम नहीं उठाया गया, तो वे मजबूर होकर ब्लॉक एवं जिला स्तर पर उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।



