जगदलपुर। बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत नियानार स्थित धान संग्रहण केंद्र में बड़ा घोटाला सामने आया है। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के दौरान किसानों से खरीदा गया लाखों क्विंटल धान उठाव न होने के कारण केंद्र परिसर में ही पड़ा-पड़ा सड़ गया। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरते हुए इसे बड़ा मुद्दा बना लिया है और जांच के लिए कमेटी का गठन किया है।
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जानकारी के अनुसार, बीते खरीफ सीजन में नियानार धान खरीदी केंद्र में किसानों से बड़ी मात्रा में धान खरीदा गया था। इसमें से कुछ अच्छे गुणवत्ता वाले धान का तो उठाव कर लिया गया, लेकिन शेष लाखों क्विंटल धान को लंबे समय तक केंद्र में ही छोड़ दिया गया। लगातार बारिश, मौसम की मार और प्रशासनिक लापरवाही के चलते यह धान खराब होकर सड़ गया। कांग्रेस का दावा है कि इस लापरवाही से शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।
कांग्रेस ने बनाई जांच समिति
इस गंभीर मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य और ग्रामीण अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ल ने कहा कि प्रदेश के 33 जिलों में बस्तर जिले के धान संग्रहण केंद्रों में सबसे कम धान का उठाव हुआ है, जो कई सवाल खड़े करता है। धान के सड़ने और खराब होने की स्थिति की जांच के लिए पूर्व जिला अध्यक्ष उमाशंकर शुक्ला के संयोजकत्व में 10 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है।

इस जांच समिति में जनपद सदस्य अनिता पोयाम, प्रदेश कांग्रेस सचिव संतोष यादव, जिला उपाध्यक्ष बालेश दुबे, जिला महामंत्री अल्ताफ उल्ला खान, नगरनार ब्लॉक अध्यक्ष संतोष सेठिया, नानगुर ब्लॉक अध्यक्ष फूलसिंह बघेल, बकावंड ब्लॉक अध्यक्ष शेरसिंह सेठिया, बस्तर ब्लॉक अध्यक्ष गणेश बघेल, भानपुरी ब्लॉक अध्यक्ष श्याम दीवान, महिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष चंपा ठाकुर, शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद, शहर जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष निकेत राज झा, ग्रामीण जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष अभिषेक डेविड और किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष दयाराम कश्यप को शामिल किया गया है।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसानों की मेहनत और सरकारी धन की इस तरह की बर्बादी न हो।



