Scout-Guide chairman controversy: स्काउट्स एंड गाइड्स के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने को लेकर नाराज़ सांसद बृजमोहन अग्रवाल को मनाने की कोशिशें अब खुलकर सामने आने लगी हैं। शुक्रवार को डिप्टी मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मुलाकात की और करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में चर्चा की।
मुलाकात के बाद डिप्टी सीएम विजय शर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल के साथ दामाखेड़ा भी पहुंचे, जहां उन्होंने संत समागम के आयोजन की तैयारियों को लेकर बैठक में हिस्सा लिया। इस राजनीतिक मुलाकात को पार्टी के भीतर उपजे असंतोष को शांत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
इधर, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने भी मीडिया से बातचीत में कहा कि सांसद बृजमोहन अग्रवाल उनके बड़े भाई समान हैं और वे उनसे मुलाकात कर नाराज़गी दूर करने का प्रयास करेंगे।
इससे पहले स्काउट्स एंड गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल जैन ने बयान देकर विवाद को और हवा दे दी थी। डॉ. जैन ने स्पष्ट कहा था कि छत्तीसगढ़ में स्काउट्स एंड गाइड्स के प्रदेश अध्यक्ष पद पर स्कूल शिक्षा मंत्री पदेन होते हैं। इस आधार पर उन्होंने सांसद बृजमोहन अग्रवाल के प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने के दावे को सिरे से खारिज कर दिया।
डॉ. जैन ने कहा था कि जब बृजमोहन अग्रवाल स्कूल शिक्षा मंत्री थे, तब वे पदेन अध्यक्ष थे, और अब यह दायित्व गजेन्द्र यादव के पास है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस विषय में उनकी राज्यपाल और मुख्यमंत्री से चर्चा हो चुकी है।
जहां तक बृजमोहन अग्रवाल के निर्वाचन का सवाल है, डॉ. जैन ने कहा कि राष्ट्रीय इकाई ने चुनाव के लिए किसी पर्यवेक्षक की नियुक्ति नहीं की थी, इसलिए निर्वाचन का दावा सही नहीं है। (Scout-Guide chairman controversy)
हाईकोर्ट जाने के सवाल पर डॉ. जैन ने दो टूक कहा था कि कोर्ट जाना हर नागरिक का अधिकार है और कोई भी न्यायालय का दरवाज़ा खटखटा सकता है। (Scout-Guide chairman controversy)



