राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के गौरीनगर में गोवंश की हत्या कर उसका सिर शीतला तालाब और निर्माणाधीन अंडरब्रिज के पास फेंकने के मामले में पुलिस को एक और सफलता मिली है। चिखली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने फरार चल रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें कथित मुख्य आरोपी एजाज अहमद उर्फ कसाई उर्फ वकील अंसारी को महाराष्ट्र के नागपुर से पकड़ा गया, जबकि दो महिला आरोपियों खैरून निशा (60) और नसीमा बेगम उर्फ रानी (57) को गौरीनगर से गिरफ्तार किया गया। तीनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
मुख्य आरोपी को पकड़ने नागपुर पहुंची पुलिस टीम
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद से ही फरार आरोपियों की तलाश की जा रही थी। इसी दौरान मुख्य आरोपी एजाज अहमद के नागपुर में होने की सूचना मिली। सूचना के आधार पर चिखली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
वहीं, मामले में फरार चल रही खैरून निशा और नसीमा बेगम को गौरीनगर से हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में तीनों आरोपियों ने पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों के साथ अपराध में शामिल होने की बात स्वीकार की। इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
अब तक 14 आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, इस मामले में 17 अक्टूबर को 10 आरोपियों और एक अपचारी बालिका के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के लिए पेश किया गया था। इसके बाद 18 अक्टूबर को तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। ताजा कार्रवाई में तीन गिरफ्तारियों के बाद कुल गिरफ्तारियों की संख्या 14 बताई गई है।
कई धाराओं में दर्ज है मामला
पुलिस ने प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299, 325, 238 और 3(5), पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 4, 6 और 10 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है।
पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई
फरार आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी में चिखली पुलिस के साथ साइबर सेल की टीम ने अहम भूमिका निभाई। कार्रवाई में कोतवाली प्रभारी उपेंद्र शाह, सोमनी प्रभारी एमन साहू, बसंतपुर प्रभारी कौशलेन्द्र देवांगन, चौकी प्रभारी उप निरीक्षक कैलाश चंद्र मरई और उप निरीक्षक सत्तुलाल कंवर सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। साइबर सेल के निरीक्षक विनय पम्मार और उनकी टीम ने भी आरोपियों की पतासाजी में सहयोग किया।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़ गई है। फिलहाल प्रकरण से जुड़े तथ्यों और आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है।




