महासमुंद। खैर लकड़ी के अवैध परिवहन, तस्करी और फर्जी दस्तावेजों के जरिए बिलिंग के मामले में महासमुंद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के कालाअंब से शिव ट्रेडर्स के संचालक सतपाल सिंह (67) को गिरफ्तार किया है। उसके ठिकाने से 1 करोड़ 70 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी कथित फर्जी बिलिंग सिंडिकेट का सक्रिय सदस्य है। जांच में सामने आया है कि गिरोह वास्तविक खैर लकड़ी की आपूर्ति किए बिना अलग-अलग फर्मों के नाम से फर्जी बिल तैयार करता था। इन बिलों को वैध दिखाने के लिए कथित तौर पर वन विभाग के फर्जी ट्रांजिट पास और एचएसएन कोड का इस्तेमाल किया जाता था।
महासमुंद पुलिस की टीम ने अलग-अलग राज्यों में कार्रवाई करते हुए अब तक करीब 70 टन अवैध खैर लकड़ी जब्त की है। 10 अक्टूबर को हरियाणा के गुरुग्राम जिले के बहोड़ा कलां स्थित श्री बालाजी ट्रेडिंग के गोदाम से करीब 15 टन खैर लकड़ी बरामद की गई थी। इससे पहले 7 सितंबर को आरोपी मनीष अग्रवाल के सरसींवा क्षेत्र स्थित मकान से 81 लाख रुपये नकद जब्त किए गए थे।
करोड़ों के लेन-देन की जांच
पुलिस की जांच के अनुसार सतपाल सिंह ने अखिलेश सिंघल, पारितोष मिश्रा, मनीष अग्रवाल, संजय छाबड़िया समेत अन्य आरोपियों के साथ मिलकर कथित आपराधिक षड्यंत्र किया। पिछले तीन वर्षों के बैंक खातों की जांच में करोड़ों रुपये के लेन-देन की जानकारी सामने आने की बात पुलिस ने कही है। इन पैसों के स्रोत और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है।
मामले की शुरुआत वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा की शिकायत से हुई थी। शिकायत में 23,350 किलो खैर लकड़ी के अवैध परिवहन के लिए इस्तेमाल एनटीपीएस एनओसी में कथित कूटरचना और धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था। इसके बाद 9 जुलाई 2026 को पिथौरा थाने में मामला दर्ज किया गया।
पुलिस इस मामले में पहले पारितोष मिश्रा और अखिलेश सिंघल को गिरफ्तार कर चुकी है। सतपाल सिंह को हिमाचल प्रदेश में गिरफ्तार करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर महासमुंद लाया गया है। पुलिस अब फर्जी बिलिंग नेटवर्क, बैंक खातों, अवैध संपत्तियों और गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की जांच कर रही है। अपराध से अर्जित संपत्ति और नकदी के संबंध में BNSS की धारा 107 के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।




