बिलासपुर। शहर की रिहायशी कॉलोनियों में नाबालिगों के वाहन चलाने का मामला सड़क सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता बनता जा रहा है। सरकंडा क्षेत्र की स्वर्णिमा एरा कॉलोनी में तेज रफ्तार कार की टक्कर से एक इंजीनियर गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार समीर खान उछलकर कार की छत पर जा गिरा, जबकि उसकी बाइक सड़क पर करीब 50 मीटर तक घिसटती चली गई। घटना ने एक बार फिर नाबालिगों को वाहन सौंपने और यातायात नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रिहायशी कॉलोनी में तेज रफ्तार कार से हादसा
जानकारी के मुताबिक, घटना 12 अक्टूबर को दोपहर करीब 3:30 बजे की है। इंजीनियर समीर खान बाइक से सरकंडा क्षेत्र में गीतांजलि सिटी के पास स्थित स्वर्णिमा एरा कॉलोनी की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।
टक्कर के प्रभाव से समीर खान उछलकर कार की छत पर जा गिरे। वहीं, उनकी बाइक सड़क पर काफी दूर तक घिसटती चली गई। हादसे में इंजीनियर गंभीर रूप से घायल हो गए।
नाबालिगों को वाहन देने पर उठे सवाल
रिहायशी इलाके में हुई इस घटना ने नाबालिगों के वाहन चलाने और अभिभावकों की जिम्मेदारी को लेकर बहस तेज कर दी है। कॉलोनियों की सड़कों पर तेज रफ्तार से वाहन चलाना न केवल चालक, बल्कि राहगीरों और दूसरे वाहन चालकों के लिए भी खतरा बन सकता है।
ऐसे मामलों में वाहन मालिकों और अभिभावकों की जिम्मेदारी अहम हो जाती है। यातायात नियमों के पालन और नाबालिगों को वाहन चलाने से रोकने के लिए जागरूकता के साथ सख्ती भी जरूरी है।
फिलहाल, घटना से जुड़ी आगे की पुलिस कार्रवाई और कार चालक की उम्र के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।




